रुद्रपुर में प्राथमिक, जूनियर, इंटर कॉलेज स्तरीय 33 मदरसों में कार्यरत 198 शिक्षकों को पांच साल से वेतन नहीं मिल सका है। अल्पसंख्यक विभाग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 198 शिक्षकों को वेतन दिलाने के लिए मदरसा शिक्षा बोर्ड में प्रस्ताव भेजा था।
जिले के प्राथमिक, जूनियर, इंटर कॉलेज स्तरीय 33 मदरसों में कार्यरत 198 शिक्षकों को पांच साल से वेतन नहीं मिल सका है। अल्पसंख्यक विभाग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 198 शिक्षकों को वेतन दिलाने के लिए मदरसा शिक्षा बोर्ड में प्रस्ताव भेजा था। तब से शिक्षकों को वेतन का इंतजार है।
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मदरसों में विज्ञान, गणित, सामाजिक शिक्षा, हिंदी, अंग्रेजी के शिक्षकों के लिए स्कीम फॉर प्रोवाइडिंग क्वालिटी एजुकेशन फॉर मदरसा (एसपीक्यूईएम) योजना के तहत वर्ष 2016-17 में जिले को एक बार बजट दिया गया था। उसके बाद वर्ष 2017 से 22 तक मदरसों के शिक्षकों के लिए वेतन नहीं मिला।
जिला अल्पसंख्यक विभाग के मुताबिक भारत सरकार ने योजना के मानकों में कई बदलाव भी किए। एसपीक्यूईएम योजना के तहत शिक्षकों को छह हजार रुपये से बारह हजार रुपये तक मासिक वेतन दिया जाता है। प्रभारी जिला अल्पसंख्यक अधिकारी अमन अनिरुद्ध ने बताया कि शिक्षकों को बजट दिलाने के लिए मदरसा शिक्षा बोर्ड में प्रस्ताव भेजा गया है। योजना के तहत शिक्षकों के खाते में वेतन भेजा जाता है।