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Udham Singh Nagar: रुद्रपुर सर्किल में 18 किमी विद्युत लाइन होगी भूमिगत, निरंतर बिजली आपूर्ति की कवायद

Thu, 13 Feb 2025 12:37 PM IST
हीरा मेहरा कालिका रावल, संवाद

सार

रुद्रपुर सर्किल में करीब 18 किमी हिस्से में 33 केवी और 11000 केवी की लाइन भूमिगत होगी। वहीं कई लाइनों का निर्माण होगा। पुरानी लाइनें बदली जाएंगी। इसके लिए स्वीकृत 175 करोड़ का किश्तों में आवंटन होने लगा है।
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विद्युत लाइन - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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केंद्रीय विद्युत मंत्रालय की पुनर्नवीनीकृत वितरण योजना (आरडीएसएस) सर्किल के लिए महत्वपूर्ण साबित होने जा रही है। इस योजना के तहत रुद्रपुर सर्किल में करीब 18 किमी हिस्से में 33 केवी और 11000 केवी की लाइन भूमिगत होगी। वहीं कई लाइनों का निर्माण होगा। पुरानी लाइनें बदली जाएंगी। इसके लिए स्वीकृत 175 करोड़ का किश्तों में आवंटन होने लगा है।

विद्युत वितरण प्रणाली में परिवर्तन के लिए वित्तीय सहायता से लेकर प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग तक लचीले विद्युत क्षेत्र को आकार देने, निरंतर बिजली आपूर्ति के लिए लागू आरडीएसएस योजना के तहत सर्किल को 175 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड) के अनुसार सर्किल के रुद्रपुर डिवीजन प्रथम/किच्छा में 5.1 किमी, डिवीजन द्वितीय में 2.5 किमी और खटीमा डिवीजन में 2 किमी हिस्से में 33 केवी की लाइन भूमिगत होगी।

इसके अलावा 8.750 किमी हिस्से में 11000 केवी की लाइन भी भूमिगत होनी है। रुद्रपुर डिवीजन प्रथम/किच्छा में 2.5 किमी, द्वितीय में 505 किमी, सितारगंज में 0.25 किमी, खटीमा में 0.5 किमी लाइन भूमिगत होगी। 

नई लाइन बिछेगी, पुरानी बदलेंगी

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सर्किल के प्रथम, द्वितीय, सितारगंज और खटीमा डिवीजन में 33 केवी की 43.6 किमी नई लाइन बिछेगी। चारों डिवीजनों में 112.6 किमी हिस्से में पुरानी लाइन बदली जाएंगी। सभी डिवीजनों में 467.04 किमी हिस्से में 11 केवी की नई लाइन बिछाने के साथ ही पुरानी लाइन बदलने की योजना है।

लगेंगे वैक्यूम सर्किट ब्रेकर
डिवीजन प्रथम, द्वितीय और खटीमा में एक-एक वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (वीसीबी) लगेंगे। डिवीजन प्रथम में 86, द्वितीय में छह, सितारगंज में 25, खटीमा में 18 वीसीबी बदले जाएंगे। वीसीबी से फॉल्ट आने पर संबंधित क्षेत्र की बिजली काटी जाती है। अन्य इलाकों को बिजली कट का सामना नहीं करना पड़ता।

ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार ने पुनर्नवीनीकृत वितरण योजना विद्युत वितरण प्रणाली में परिवर्तन लाने के लिए लागू की है। उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली मिले यह योजना का मूल ध्येय है। आरडीएसएस योजना से स्वीकृत 175 करोड़ रुपये का किश्तों में आवंटन होने लगा है। स्वीकृत कार्य तेज गति से कराए जाएंगे। -शेखर चंद्र त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता, यूपीसीएल

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