काशीपुर में आलू का पेटेंट बीज का उपयोग करने के आरोप में पेप्सी कंपनी ने गुजरात के चार किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इसके विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने पेप्सी के खिलाफ हुंकार भरी है। किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं करने पर पेप्सी के खिलाफ देश भर में आंदोलन चलाने की चेतावनी दी है।
रविवार को भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष (युवा) रवींद्र सिंह राणा ने अपने कार्यालय में पत्रकार से कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में अमेरिका की बहुराष्ट्रीय पेप्सी कंपनी ने आलू उगाने वाले चार किसानों पर एक-एक करोड़ रुपयों का हर्जाना देने की मांग का अहमदाबाद में मुकदमा दर्ज किया है।
कहा कि पेप्सी ने किसानों पर एक विशेष प्रजाति (आलू एफएल- 2027) उगाकर कॉपी राइट एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। राणा ने बताया कि उन्होंने पीएम को भेजे पत्र में किसानों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शोषण से बचाने के लिए कॉपी राइट एक्ट को कृषि पर लागू नहीं होने देने की अपील की है। कहा कि अगर केन्द्र सरकार इस मामले में किसानों को मुक्ति नहीं दिलाती और दर्ज मुकदमे वापस नहीं कराती है तब भाकियू देश भर में पेप्सी के विरोध में अभियान चलाएगा। साथ ही कहा कि किसान पेप्सी कारखानों के गोदामों पेप्सी बेचने वाले एजेंट का घेराव करेगी। प्रदेश अध्यक्ष राणा ने कहा कि पेप्सी किसानों की एकता नहीं तोड़ सकती है और किसान पेप्सी को देश में कारोबार नहीं करने देंगे। उन्होंने लोगों से पेप्सी के बजाए गन्ने का जूस, नीबू पानी और लस्सी पीने की अपील की है। भाकियू ब्लाक अध्यक्ष टीका सिंह सैनी ने कहा कि सरकारी गेहूं खरीद केन्द्रों पर बारदाना की कमी से किसानों का गेहूं नहीं तुल रहा है। इस मौके पर रंजीत सिंह, जोगेंद्र सिंह बलकार सिंह फौजी, सक्षम राणा, निक्की आदि थे।