काशीपुर। मकान में हिस्से के लिए युवक ने एक महिला पर सगी मां होने का दावा ठोक दिया। कहा कि यह साबित करने के लिए वह डीएनए टेस्ट कराने को तैयार है। उधर, महिला ने अपना राशन कार्ड दिखाते हुए युवक को पुत्र मानने से साफ इनकार कर दिया। कोतवाली में दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे के समर्थन में पुलिस के समक्ष दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। कोई समाधान न निकलने पर पुलिस ने मामला अदालत में सुलझाने का सुझाव देकर उन्हें कोतवाली से लौटा दिया।
बुधवार को कचनालगाजी निवासी एक महिला कोतवाली पहुंची। उसने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि उसके पति की मौत हो चुकी है और वह अपने दो बेटों के साथ अपने मकान में रहती है। उसका एक बेटा मजदूरी करता है और वह खुद भी एक फैक्ट्री में श्रमिक है। दस दिन पहले उसकी बहन का बेटा अपनी पत्नी को साथ लेकर मेहमानदारी में उसके घर आया। इस दौरान वह और उसकी पत्नी मकान में हिस्सा मांगने लगे।
आरोप है कि दोनों उसके साथ मारपीट और गालीगलौज पर उतर आए। पुलिस ने आरोपी दंपति को कोतवाली बुलाया तो युवक ने महिला को अपनी मां बताते हुए कहा कि वह उसे और उसकी पत्नी को साजिश के तहत घर से निकालना चाहती है। इस पर महिला ने अपना राशन कार्ड और गैस की पासबुक दिखाई। राशन कार्ड में महिला के अलावा उसके दो पुत्रों के नाम अंकित है।
उधर, युवक ने अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड दिखाया, जिसमें पिता के कालम में महिला के पति का नाम अंकित होना पाया गया। उसने कहा कि महिला उसकी सगी मां है, इसके लिए वह ीएनए टेस्ट भी कराने को तैयार है। इससे पुलिस भी असमंजस में पड़ गई। काफी देर तक दोनों पक्षों में आपस में बहस होती रही। बाद में पुलिस ने अदालत में जाने का सुझाव देते हुए उन्हें कोतवाली से भेज दिया।