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सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में गुम हो गई कथित मंत्री पुत्र की दबंगई

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सीसीटीवी फुटेज में गुम हो गई दबंगई
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रुद्रपुर। जिला अस्पताल में सोमवार रात कथित तौर पर खुद को एक कैबिनेट मंत्री का बेटा बताने वाले युवक और उसके साथियों की अराजकता सुबह होते ही अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में गुम हो गई है। मंत्री पुत्र ने अस्पताल में लगे दो सीसीटीवी कैमरों के आगे एक घंटे तक दबंगई दिखाई।

डाक्टरों और स्टाफ से अभद्रता की, लेकिन जब दबंगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात आई तो सीसीटीवी कैमरे में मंत्री पुत्र और उसके साथियों की दबंगई ही गुम हो गई। अस्पताल प्रशासन की मानें तो सोमवार रात अस्पताल के कर्मचारियों के साथ की गई किसी भी प्रकार की अराजकता सीसीटीवी कैमरों में कैद नहीं हुई है, जबकि घटनास्थल से मात्र 15 और 30 फुट की दूरी पर दो सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और दबंगों का शिकार हुए डाक्टर भी घटना की पुष्टि कर रहे हैं।
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सोमवार रात खुद को कथित तौर पर कैबिनेट मंत्री का पुत्र बताने वाला युवक अपने दर्जन भर साथियों के साथ दो घायलों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा, जहां उसने घायलों का उपचार करने से पहले वहां मौजूद डा. डीपी सिंह से सीएमओ और पीएमएस को तुरंत बुलाने की बात कहकर गाली-गलौच शुरू कर दी। मामला बड़ता देख डा. पी सिंह ने सिडकुल चौकी पुलिस को मामले की सूचना दी।

सूचना पर पहुंचे दो पुलिस कर्मियों को जब पता चला कि अस्पताल में हंगामा करने वाला किसी कैबीनेट मंत्री का बेटा है तो पुलिस कर्मी भी मौके से खिसक गये जिससे दबंगों का हौसला और बढ़ गया। उन्होंने अस्पताल में तैनात कर्मचारियों के साथ गाली-गलौच कर नौकरी से निकलवाने की धमकी दे डाली। करीब एक घंटे के हंगामे के बाद जब घायलों का उपचार हो गया तो मंत्री पुत्र अपने साथियों के साथ अस्पताल से चला गया।

रात भर डरे सहमे डाक्टर सहित अन्य कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह पीएमएस अमिता उप्रेती को मामले से अवगत कराते हुए दबंगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई जिस पर उप्रेती ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से दबंगों की शिनाख्त कर उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने की बात कही। बुधवार को जब दबंगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस प्रशासन को मामले से अवगत कराने की बात आई तो अराजकता फैलाने वाले मंत्री पुत्र और उसके साथी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से ही गायब हो गये।

अस्पताल प्रबंधक डा. अजयवीर सिंह से जब सीसीटीवी फुटेज के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि इमरजेंसी वार्ड की गैलरी में लगा सीसीटीवी कैमरा घटनास्थल से काफी दूर है जिसके चलते घटनाक्रम कैैद नहीं हो पाया, जबकि इमरजेंसी वार्ड की गैलरी में लगा सीसीटीवी कैमरा घटनास्थल से मात्र 30 फुट की दूरी पर है इसके साथ ही दबंग अस्पताल की मुख्य द्वारा पर लगे उस कैमरे में भी कैद नहीं हो पाये जो महज 15 फुट की दूरी पर लगा है।

वहीं पीएमएस अमिता उप्रेती भी महज यह कहकर मामले से पल्ला झाड़ रही हैं कि कैमरे में कैसे कुछ कैद नहीं हुआ यह उनकी समझ से बाहर है। मामले को लेकर ही डा. डी पी सिंह का कहना है कि दबंगों ने करीब एक घंटे तक इमरजेंसी वार्ड के बाहर तांडव मचाया जिसे देखकर पूरा स्टाफ सहमा रहा और घायलों में से एक के उपचार के लिए उन्होंने ईएनटी स्पेशलिस्ट डा. आरके सिंहा को भी इमरजेंसी वार्ड में बुलाया था।

अस्पताल परिसर में है 16 सीसीटीवी कैमरे

जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए यूं तो पूरे परिसर में 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। लेकिन उसके बाद भी सोमवार रात मंत्री पुत्र द्वारा की गई दबंगई को मात्र दो कैमरे भी कैद नहीं कर पाये, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है।

रिकार्ड में दर्ज है पर कैमरे में कैद नहीं
सोमवार रात कथत मंत्री पुत्र द्वारा जिला अस्पताल में की गई दबंगई अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में कैद नहीं हुई जबकि मंत्री पुत्र द्वारा उपचार के लिए लाये गये दोनों युवकों का रिकार्ड अस्पताल के अभिलेखों में दर्ज है। अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार दोनों घायलों का उपचार अस्पताल में हुआ है लेकिन घायल अस्पताल के मुख्य द्वार पर लगे सीसीटीवी कैमरे में अस्पताल के अंदर आते नहीं दिख रहे हैं। मामले में घटनाक्रम और उसको लेकर अस्पताल प्रशासन के विरोधाभासी बयान भी अस्पताल प्रशासन को संदेह के घेरे में खड़ा कर रहे हैं।


सोमवार रात अस्पताल में घायलों के उपचार के लिए पहुंचे कुछ युवकों द्वारा अस्पताल में तैनात डाक्टर और कर्मचरियों के साथ अभद्रता करने की बात कही जा रही है। मामले की सत्यता जानने के लिए अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया लेकिन उनमें घटनाक्रम कैद नहीं हुआ है फिलहाल कर्मचारियों की शिकायत के आधार पर पुलिस प्रशासन को लिखित रुप में मामले से अवगत कराया गया है।
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डा. अमिता उप्रेती, पीएमएस जिला अस्पताल

अस्पताल में उपचार के लिए आये कुछ युवकों द्वारा सोमवार रात हंगामा करने का मामला संज्ञान में आया है लेकिन अस्पताल प्रशासन की तरफ से फिलहाल मामले की कोई तहरीर नहीं सौंपी गई है। तहरीर मिलने के बाद अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के साथ ही हंगामा करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जायेगी।
-डा. सदानंद दाते, एसएसपी
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