करोड़ों रुपये का कारोबार करने के बावजूद जीएसटी नहीं देने वाले कारोबारियों पर राज्य कर विभाग की छापेमारी के बाद कर जमा करने में तेजी आ गई है। तीन दिन के भीतर 13 कारोबारियों ने चार करोड़ 44 लाख 59 हजार रुपये कर जमा कराए हैं। बचे छह कारोबारियों को जीएसटी जमा करने के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी गई है। इधर, एसटीएफ डमी फर्मों को भी चिह्नित करने में जुटी है।
राज्य कर विभाग की टीमों ने बीते मंगलवार को करीब चार सौ करोड़ के टर्नओवर के बावजूद जीएसटी नहीं देने वाले रुद्रपुर सर्किल के 19 कारोबारियों के प्रतिष्ठानों में ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। पांच कारोबारियों ने छापेमारी के दिन ही 2.93 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में जमा कर दिए थे।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक करीब सात करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी नहीं चुकाया गया था। ई-वे बिल के आधार पर प्रतिष्ठानों की सूची तैयार कर छापे मारे गए थे। इसके अलावा टीम के रडार में जीएसटी नहीं देने वाले अन्य कारोबारियों के साथ ही डमी फर्में भी हैं। राज्य कर विभाग की एसटीएफ ऐसी फर्मों के रिकार्ड भी खंगाल रही है।
माना जा रहा है कि जल्द ही एक और बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। राज्य कर विभाग में डिप्टी कमिश्नर एसटीएफ रजनीश सच्चिदानंद यशवस्थी ने बताया कि 13 फर्मों ने चार करोड़ 44 लाख 59 हजार रुपये जमा कराया है। बृहस्पतिवार को एक करोड़ 55 लाख 41 हजार रुपये और जीएसटी के रूप में जमा हुए हैं। उन्होंने बताया कि बचे छह कारोबारियों को जीएसटी जमा करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है।