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तकनीक अपनाकर कम करें खेती की लागत, मुनाफा खुद बढ़ जाएगा

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रुद्रपुर। गांधी पार्क में अमर उजाला महाचौपाल जारी है। महाचौपाल के तीसरे दिन सोमवार को पंतनगर विवि के पादप रोग विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. आरपी सिंह ने किसान भाइयों को बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफे के गुर बताए। डॉ. सिंह ने कहा कि किसानों को आय बढ़ाने के लिए खेती की लागत घटाना जरूरी है।
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खेती के लिए पानी, खाद और रसायनों में किए जाने वाले खर्च को तकनीक के इस्तेमाल से कम किया जा सकता है। कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से फसलों में कीड़े ज्यादा लग रहे हैं, वहीं रसायनों के अवशेष खाद्य पदार्थों में रहने से लोगों में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने खेती के तरीकों में बदलाव से रोगों पर काबू पाने की बात कही।

डॉ. सिंह ने कहा कि तराई में होने वाली खेती में लागत घटाने की संभावनाएं ज्यादा हैं। एक सर्वे में पता चला है कि सिर्फ 20 फीसदी किसान ही वैज्ञानिकों या विशेषज्ञों से राय लेने के बाद ही फसलों में कीटनाशक का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसान सीधे दुकानदारों से दवा लेने के बजाए वैज्ञानिकों से राय लेंगे तो उनका ही फायदा होगा।
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फसलों में कीटनाशक के इस्तेमाल से पहले बीमारी की पहचान बेहद जरूरी है। इसके लिए पंतनगर विवि की हेल्पलाइन, किसान कॉल सेंटर में संपर्क किया जा सकता है। बताया कि विवि ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए व्हाट्सएप ग्रुप 9412120724 बनाया है। इस पर रोग लगी फसल का फोटो भेजकर बीमारी का पता और समाधान पाया जा सकता है।

ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्य सम्मानित
रुद्रपुर। महाचौपाल में किसानों के लिए बेहतर कार्य करने वाले ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों को सम्मानित किया गया। पंतनगर विवि के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरपी सिंह ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप चीमा, ग्राम प्रधान संगठन गदरपुर के अध्यक्ष विपिन गाबा, ग्राम प्रधान सलविंदर सिंह, अकील खां, गीता देवी, निशांत सिंह, अशोक कुमार राय, हर्षदीप सिंह, बीडीसी सदस्य सुनील चौहान को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किए।

अमर उजाला की पहल किसान हित में : चीमा
रुद्रपुर। जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप चीमा ने कहा कि अमर उजाला ने किसान हित में महाचौपाल का बेहतर आयोजन किया है। इससे किसान नई तकनीक से रूबरू हो रहे हैं। वहीं, समस्याओं का भी कृषि वैज्ञानिक समाधान कर रहे हैं। किसानों को फसलों में होने वाली बीमारी और कीटनाशकों के इस्तेमाल में बरती जाने वाली सावधानियां एवं खेती में लागत कम करने के तरीके बताए जा रहे हैं। इससे निश्चित ही किसानों को खेती में फायदा मिलेगा।
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