हाइकोर्ट के आदेश की अवमानना में फंसे प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों ने अतिक्रमण के खिलाफ 25 अप्रैल से पहले कार्रवाई को लेकर सोमवार को दो घंटे बैठक की। बाद में संयुक्त टीम ने मुख्य बाजार समेत भगत सिंह चौक, गांधी मैदान मार्ग, गल्ला मंडी, दुर्गा मंदिर आदि स्थानों में अतिक्रमण हटाने को लेकर निरीक्षण किया। संयुक्त टीम जल्द ही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
रुद्रपुर के फुटपाथों और ग्रीन बेल्ट पर चिन्हित करीब 1300 अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर हाइकोर्ट की तरफ से डीएम और नगर आयुक्त को नोटिस भेजा गया है। डीएम और नगर आयुक्त को 25 अप्रैल तक अतिक्रमण हटाकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कोर्ट में तलब किया गया है। अतिक्रमण हटाने को लेकर सोमवार को नगर निगम में आयोजित बैठक में जिला प्रशासन की तरफ से डीएम के स्थान एसडीएम युक्ति मिश्रा पहुंचीं।
जबकि, पुलिस की तरफ से सीओ स्वतंत्र कुमार के स्थान पर एसएसआई नासिर खान पहुंचे। इससे स्पष्ट हो गया कि प्रशासन और पुलिस अतिक्रमण हटाने को लेकर कितना गंभीर है। नगर आयुक्त जयभारत सिंह के कक्ष में प्रशासन, पुलिस और जिला विकास प्राधिकरण की टीम के बीच करीब दो घंटा चली बैठक में अतिक्रमण हटाने से संबंधित फाइलों और दस्तावेजों को खंगाला गया।
साथ ही वेंडर जोन और पार्किंग स्थल को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। बैठक के बाद करीब 1:15 बजे संयुक्त टीम ने दुर्गा मंदिर गली से अतिक्रमण का जायजा लेते हुए निरीक्षण किया। टीम ने मुख्य बाजार से भगत सिंह चौक होते गल्ला मंडी तक दुकानों और आवासों के बाहर सरकारी नालियों के ऊपर और सड़क पर किए गए अतिक्रमण का निरीक्षण दिया। सड़क के ऊपर निकाले गए मकानों के झापों को भी टीम ने अतिक्रमण के दायरे में माना।
टीम के निरीक्षण के दौरान बाजार क्षेत्र के अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। नगर आयुक्त जयभारत सिंह ने बताया कि अभी बाजार में अतिक्रमण का सिर्फ निरीक्षण किया गया है। बाजार में लोगों ने किस तरह अतिक्रमण किया है, इसका जायजा लिया है। जल्द ही पुलिस-प्रशासन के साथ संयुक्त रूप से अतिक्रमण को हटाया जाएगा। इस दौरान तहसीलदार अमृता शर्मा, कर अधीक्षक संजय पाठक, आनंद राम, रघुबीर लाल भारती आदि शामिल रहे।
पालिका से निगम बन गया पर अतिक्रमण नहीं हटा
रुद्रपुर। शहर की एक संस्था प्रतिज्ञा दि ऑथ फाउंडेशन ने शहर का यातायात सुचारु करने के लिए फुटपाथों और ग्रीन बेल्ट से अतिक्रमण हटाने के लिए हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी। तत्कालीन नगर पालिका अतिक्रमण को चिन्हित करके लाल निशान लगाने तक ही सीमित रही। संस्था की ओर से दोबारा याचिका लगाने पर जून 2016 निगम प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कोई सुध नहीं ली।
रुद्रपुर बाजार में जाम की प्रमुख वजह है अतिक्रमण
रुद्रपुर। बाजार क्षेत्र में कई स्थानों पर नालियों के ऊपर दुकानें खोलने के साथ ही आवासों के झांप सड़क पर डाले गए हैं। कुछ स्थान पर अतिक्रमणकारियों ने सरकारी सड़कों को दबा भी रखा है। सड़कों के संकरा होने के कारण बाजार में हर समय जाम की स्थिति बन रही है। इसके बावजूद प्रशासन के अधिकारियों की खामोशी हैरान करने वाली है।
साप्ताहिक बंदी के कारण नहीं हुआ विरोध
रुद्रपुर। अतिक्रमण के निरीक्षण के लिए प्रशासन और निगम की टीम ने सोमवार को साप्ताहिक बंदी का दिन चुना। बाजार बंद होने के कारण टीम को विरोध नहीं झेलना पड़ा। हालांकि टीम को बाजार क्षेत्र में घूमता देख अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा। अतिक्रमणकारी फोन पर एक-दूसरे से फोन पर जानकारी लेते नजर आए।
काशीपुर में अतिक्रमण की चपेट में
काशीपुर। नगर के कई स्थान अतिक्रमण की चपेट में हैं, लेकिन यहां भी नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने इस समस्या को शायद व्यवस्था का ‘हिस्सा’ ही मान लिया है। मदान वाली गली में से पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। तहसील मार्ग पर तो स्थायी अतिक्रमण हो चुका है। सड़क किनारे लगे कई खोखे अब दुकान बन चुके हैं। बाकी जगह पर ठेली-फड़ लगते हैं। मुरादाबाद रोड पर लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस के सामने खाना बदोश के 15-20 परिवार सड़क की पटरी पर बस गए। पांच छह माह पहले प्रशासन ने इन को यहां पर से हटाकर ढेला नदी पुल के पास भूमि देकर बसा दिया था। लेकिन, एक सप्ताह बाद सभी परिवार फिर आकर उसी स्थान पर घर बनाकर बस गए। उधर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आलू फार्म के पास करीब 50 परिवार सड़क की पटरी पर बसें हैं। इन्होंने बाहर से झोपड़ियां अंदर से टीन की चादरों के घर बना लिए, लेकिन एनएच ने कभी भी अतिक्रमण नहीं हटाया। सड़क किनारे बसे ऐसे लोगों के साथ कभी भी किसी बेकाबू वाहन से बड़ा हादसा होने की आशंका रहती है।
जसपुर, अमानगढ़ रोड से जल्द हटेगा अतिक्रमण
जसपुर। हाइकोर्ट के आदेश पर जसपुर, अमानगढ़ रोड से जल्द ही अतिक्रमण हटाया जाएगा। बोर्ड परीक्षा के कारण विभाग अतिक्रमण नहीं हटा सका था। एसडीएम लोनिवि को पत्र भेजकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फोर्स आदि मुहैया कराने को पत्र भेजा है।
बीते वर्ष गांव भगवंतपुर निवासी धन्नजय चौधरी ने जसपुर धर्मकांटे चौक से लेकर अमानगढ़ तक रोड के दोनो किनारों पर ग्रामीणों की ओर से अतिक्रमण करने की हाइकोर्ट में रिट दायर की गई थी। हाइकोर्ट ने सुनवाई करने के बाद लोनिवि को सड़क के दोनों किनारों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने राजस्व विभाग के मानकों के हिसाब से 209 मकानों पर लाल रंग से निशान लगाकर अतिक्रमण स्वयं हटाने को नोटिस दिए थे।
नोटिस के बाद करीब सौ अस्थायी अतिक्रमणकारियों समेत कुछ पक्के अतिक्रमणकारियों ने अपना अतिक्रमण हटा लिया है। बताया गया कि इस बीच बोर्ड परीक्षा शुरू होने पर विभाग ने मानवीयता के आधार पर मार्ग से अतिक्रमण नहीं हटाया है। सोमवार को बोर्ड परीक्षा का आखिरी पेपर था। इधर, एसडीएम दयानंद सरस्वती ने विभाग को पत्र भेजकर अतिक्रमण हटाने के लिए अमला आदि देने की बात कही है। लोनिवि के एई अरुण कुमार ने बताया कि मार्ग से जल्द ही अतिक्रमण हटाया जाएगा।