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कर्मचारियों की कमी से 10 बसों के पहिये जाम

Sat, 11 Feb 2017 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
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काशीपुर रोडवेज डिपो की कार्यशाला में खड़ी बसे। - फोटो : अमर उजाला
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 घाटा झेल रहे परिवहन निगम के सामने कर्मचारियों की कमी बड़ी समस्या बनी हुई है। कर्मचारियों के टोटे के चलते डिपो में दस बसों के पहिए जाम हैं। कुछ बसों के लगातार खड़े रहने से उनमें धूल भी जम गई है। बसों का संचालन नहीं होने से डिपो को रोज दो लाख का घाटा हो रहा है।
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बीते कुछ समय से रोडवेज डिपो में कर्मचारी की कमी समस्या बनी हुई है। तीन महीने पहले रानीखेत डिपो से 5 पुरानी बसें मिलने के बाद डिपो में बसों का बेड़ा 55 जा पहुंचा है। डिपो में बसें तो बढ़ी मगर कर्मचारियों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ। कर्मचारियों की कमी की वजह से केवल 45 बसों का संचालन ही बमुश्किल हो पा रहा है। डिपो में 150 चालक और परिचालक होने चाहिए। लेकिन वर्तमान में 100 ही चालक और परिचालक ही तैनात हैं। बसों का संचालन सुचारु हो, इसके लिए अतिरिक्त ड्यूटी भी करनी पड़ रही है।


चालक, परिचालकों की कमी की वजह से  पिछले तीन महीने से डिपो की 10 बसें कार्यशाला में खड़ी धूल फांक रही हैं। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के शाखा मंत्री मोहम्मद यामीन ने बताया कि एक बस प्रतिदिन दिल्ली रूट से 20 से 25 हजार रुपए राजस्व एकत्र करती है। लेकिन कर्मचारियों के अभाव में 10 बसें खड़ी होने से निगम को रोजाना करीब 2 लाख रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है। आला अफसर इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। लगातार बसों के खड़े रहने का असर कलपुर्जों पर भी पड़ रहा है।
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आरएम खुशीराम ने कहा कि डिपो में कर्मचारियों की कमी को चुनाव के बाद पूरा किया जाएगा। इसके लिए भर्ती प्रक्रिया होगी। उन्होंने कहा कि जो बसें लगातार खड़ी होंगी, उनकी मशीनरी में दिक्कतें होना लाजमी है। बसें खड़ी रहने से निगम को नुकसान हो रहा है।
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