जलप्रलय के बाद से ठप पड़ी गंगोत्री धाम की यात्रा सोमवार से शुरू हो गई। इसके साथ ही बाकी धामों के लिए भी यात्री धीरे-धीरे रवाना होने लगे हैं।
केदारघाटी में आए जलप्रलय के बाद से ठप पड़ी चारधाम की यात्रा शुरू होने लगी है। सोमवार को जिला प्रशासन ने गंगोत्री धाम की यात्रा भी शुरू करवा दी। उत्तरकाशी के डीएम पंकज पांडेय ने कहा कि अभी हाईवे भारी वाहनों की आवाजाही लायक नहीं है लेकिन छोटे वाहनों से यात्री आ सकते हैं।
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साथ ही यमुनोत्री धाम की यात्रा के लिए भी जिला प्रशासन ने हरी झंडी दे दी। उम्मीद है कि पहली अक्तूबर तक चार धामों समेत पांचों पवित्र धर्मस्थलों की यात्रा दोबारा शुरू हो जाएगी। शनिवार से सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब की यात्रा का भी श्रीगणेश हो गया।
सरकार ने पहली अक्तूबर से आम तीर्थयात्रियों के लिए केदारनाथ यात्रा शुरू करवाने की घोषणा की है। हालांकि सोनप्रयाग से केदारनाथ मार्ग जाने के लिए बनाया गया 23 किलोमीटर का वैकल्पिक पैदल मार्ग खतरों से भरा है। बदरीनाथ के लिए भी सोमवार को 80 यात्रियों का दल रवाना हुआ।
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हालांकि रास्ते अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं। यात्रियों को विष्णुप्रयाग से हनुमानचट्टी तक का पांच किमी का सफर जंगल और खाई से होकर तय करना पड़ेगा। इसके आगे बदरीनाथ के लिए गाड़ी मिल जाएगी। बावजूद बदहाल रास्ते और खराब सहूलियतें तीर्थयात्रियों का कदम-कदम पर इम्तिहान भी लेंगे।