एसजीआरआर पीजी कॉलेज में चल रही पांच दिवसीय बैठक में दूसरे दिन विशेषज्ञ अर्थशास्त्रियों ने 350 नए शब्दों को शब्दावली में जगह दी। एसजीआरआर पीजी कॉलेज में शब्दावली आयोग की ओर से सोमवार को पांच दिनी बैठक चल रही है। इस बैठक में पहुंचे विशेषज्ञ अर्थशास्त्रियों ने मंगलवार को भी मंथन किया।
अर्थशास्त्री प्रो. वीए बौड़ाई ने बताया कि बैठक में सबसे ज्यादा बहस 'सैलरी' शब्द को लेकर हुई। 'सैलरी' शब्द लैटिन भाषा के 'सैलेनियम' से आया है, जिसका मतलब होता है 'नमक'।
उस वक्त पगार के बदले में नमक दिया जाता था, जिससे सैलरी शब्द की उत्पत्ति हुई। हालांकि बाद में पे, सैलरी और वेजेज को एक ही श्रेणी का शब्द मान लिया गया।
बैठक में शब्दावली आयोग के पूर्व सचिव डा. डीडी नौटियाल, रविशंकर शुक्ला, प्रो. जेएल भारद्वाज, प्रो. वीपी सिन्हा, डा. आरआर नौटियाल, प्रो. वीए बौड़ाई, डा. एमसी सती, डा. डी. कुलश्रेष्ठ, डा. वीवी चौरसिया, डा. विजय रावत एवं सहायक वैज्ञानिक अधिकारी प्रदीप कुमार शब्दों के मंथन के लिए मौजूद रहे।
शब्द हुए शामिल
फिक्सचर रेट : जुड़नार दर
फ्लैग कैरियर : ध्वज वाहक
फ्लैक्स प्राइस : परिवर्तनी कीमत
फ्लैक्स टाइम : परिवर्तनी समय
फ्लैक्सीबल प्रिंसिपल : परिवर्तनीय मूलधन
फ्लिमसिस : हस्तलिखित संवाद पत्र
फिफ्थ डेड प्लान/फिफ्थ डेड रिडक्शन प्लान : नियत कटौती पद्धति