यूपी में एक राहत शिविर में रविवार को रात दो बजे रोडवेज की बस इलाहाबाद के श्रद्धालुओं को लेकर पहुंची। तकरीबन सभी लोग बीमार थे। सबका स्वास्थ्य परीक्षण हुआ और उन्हें दवाओं के साथ चाय-नाश्ता दिया गया। इन्हीं में से एक पारितोष पांडेय ने डाक्टरों को अपनी आपबीती सुनाई और लाइव वीडियो दिखाया तो सबके रोंगटे खड़े हो गए।
पारितोष के अनुसार, वे लोग पंद्रह तारीख को केदारनाथ की ओर बढ़ रहे थे। गौरीकुंड से करीब तीन घंटे की पैदल यात्रा के दौरान सब एक शार्टकट से गुजर रहे थे। शार्ट कट के लिए पहाड़ से उतरकर एक सूखी नदी को पार करना था। सब लोग आराम से जा रहे थे।
वे लोग पार हो चुके थे। प्रकृति के विहंगम दृश्य को कैद करने के लिए उन्होंने अपना मोबाइल निकाला और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसी बीच नदी में एकाएक तेज बहाव के साथ पानी आ गया।
एक परिवार पिकनिक के मूड में था। इस परिवार की महिला तो पार आकर बैठ गईं। पिता अपने किशोर वय दो बेटियों व एक बेटे के साथ नदी के बीचोंबीच थे। जैसे ही पानी आया चीख पुकार मच गई।
हड़बड़ाहट में ये चारों नदी के बीचोंबीच पत्थर पर चढ़ गए। बारिश होने लगी, पता नहीं कैसे पिता का पैर फिसला और वे फिसलकर नदी में गिर गए।
तीनों बच्चों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की लेकिन सैलाब चारों को बहा ले गया। किनारे पर बैठी महिला अपने पूरे परिवार को काल के मुंह में समाते देखती रही लेकिन कुछ न कर सकी। वह मौके पर बेहोश हो गई। साथ खड़े लोग महिला को सड़क पर लाए यहां से उसे गौरीकुंड ले जाया गया।