हरकी पैड़ी पर प्रदेश की कैबिनेट दूसरी बार आएगी। यद्यपि यह अवसर आपदा में मारे गए तीर्थ यात्रियों एवं मृतस्थानीय निवासियों को महाश्रद्धांजलि देने का होगा, किंतु कैबिनेट की दृष्टि से दूसरी बार यह जमावड़ा हो रहा है।
हरकी पैड़ी पर प्रबंधकारिणी संस्था गंगा सभा एवं बद्री-केदार मंदिर समिति ने महाश्रद्धांजलि की तैयारियां प्रारम्भ कर दी हैं। विगत कुम्भ के अवसर पर तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक वर्ष 2010 में पूरी कैबिनेट को लेकर हरकी पैड़ी आए थे।
मालवीय द्वीप पर मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी और पूरे विश्व को संदेश दिया गया था कि हरकी पैड़ी प्रदेश के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। साथ ही कुम्भ का महत्व भी बैठक के बहाने प्रदर्शित किया गया था। मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने ब्रह्मकुंड पर गंगा मैया में डुबकी भी लगाई थी।
उत्तराखंड में आई आपदा के बाद अब मृतकों को महाश्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा पूरी कैबिनेट के साथ हरिद्वार आ रहे हैं। इस बार भी मंत्रिमंडल हरकी पैड़ी पर जुटेगा, यद्यपि आयोजन श्रद्धांजलि तक ही सीमित रहेगा।
हरकी पैड़ी पर मृतकों की आत्मशांति के लिए विशाल यज्ञ भी होगा और अस्थि प्रवाह भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री तथा मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न प्रांतों से आए राजनेता मृतकों को तिलांजलि प्रदान करेंगे। गंगा सभा ने मुख्य हरकी पैड़ी, ब्रह्मकुंड तथा समूचे मालवीय द्वीप पर आयोजन की तैयारियां शुरु कर दी हैं।
प्रशासनिक दृष्टि से भी इस क्षेत्र की सुरक्षा तैयारियां शुरु हो चुकी हैं। 16 जुलाई को महाश्रद्धांजलि का यह आयोजन पूर्वान्ह 11 बजे प्रारम्भ हो जाएगा और सायं चार बजे तक चलता रहेगा।