उत्तराखंड में पहाड़ में आई प्राकृतिक आपदा थमने का नाम नहीं ले रही है। बृहस्पतिवार को भारी बारिश के चलते पिथौरागढ़ जिले के नाचनी के रातीगाड़ मंदिर समूह के 25 मंदिर रामगंगा में बह गए।
उधर, मुनस्यारी के साना डोबरी गांव में भूस्खलन से 18 मकानों में दरारें आ गईं क्षेत्र में नदी से हो रहे कटाव से रसियाबगड़ गांव मात्र सौ मीटर के फासले पर रह गया है जिससे ग्रामीण दहशत में हैं।
मुनस्यारी से 27 किमी दूर सानाडोबरी गांव में बृहस्पतिवार को बारिश के बीच हुए भूस्खलन से 18 मकानों में दरार आ गईं। प्रभावितों ने अन्यत्र शरण ले रखी है।
क्वीरीजिमिया के जिमिया नाले की पुलिया बृहस्पतिवार की रात में ध्वस्त हो गई है। पुलिया ध्वस्त होने से क्वीरीजिमिया, साईपोलो, बुईपातो गांवों की सैकड़ों की आबादी की आवाजाही और राशन की सप्लाई भंग हो गई है।
नाचनी में रातीगाड़ से लेकर हरड़िया तक 600 मीटर क्षेत्रफल में भूस्खलन हो रहा है। रातीगाड़ के मंदिर समूह में आने वाले छुरमल देवता के चार मंदिर, एक देवी मंदिर और 20 ग्राम देवताओं के छोटे मंदिरों को रामगंगा लील गई है।
चंपावत में भारी बारिश, अलर्ट जारी
बृहस्पतिवार की रात से जिले में हो रही भारी बारिश से क्षेत्र की नदियां और नाले उफान पर हैं। पूरे जिले में बारिश का सिलसिला जारी रहने से प्रशासन ने एक बार फिर से पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। कल रात यहां आठ मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। शुक्रवार सुबह से दिनभर तेज बारिश जारी है।