लंबे समय से कार्यबहिष्कार कर हड़ताल पर चल रही आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं पर विभाग सख्त हो गया है। बाल विकास विभाग ने 23 जनवरी तक काम पर नहीं लौटने वाली कार्यकर्ताओं की सेवाएं समाप्त करने की चेतावनी दी है।
जिलेभर की करीब तीन हजार आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं 11 दिसंबर 2019 से मानदेय वृद्धि, राज्य कर्मचारी घोषित करने, स्मार्ट खोने पर मानदेय से कटौती न करने, न्यूनतम मानदेय 18 हजार रुपये करने समेत नौ सूत्री मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल पर हैं, जिससे बच्चों, महिलाओं का टीकाकरण, पौष्टिक आहर वितरण समेत अन्य कामकाज प्रभावित हो रहा है। लेकिन विभाग अब हड़ताली कार्यकर्ताओं से सख्ती से निपटने की तैयारी में है। जिला कार्यक्रम अधिकारी संदीप अरोड़ा ने बताया कि हड़ताल पर चल रही कार्यकर्ताओं को काम पर लौटने के लिए तीन का नोटिस दिया गया है। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी भी काम पर लौटने की अपील कर चुके हैं, लेकिन वह काम पर नहीं लौट रहीं हैं। बताया कि कार्यकर्ता के काम पर नहीं लौटने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। बताया कि 23 जनवरी तक काम पर नहीं लौटने वाली आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायकों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ससम्मान काम पर लौटने की अपील की है।