संस्थान में तकनीकी शिक्षा की पढ़ाई कर रहे छात्र किराये पर रहने के लिए मजबूर
नई टिहरी। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नई टिहरी के छात्रावास का मरम्मत कार्य पांच माह भी पूरा नहीं हो पाया है। छात्रावास के दो ब्लॉकों बने में कमरों की हालत जर्जर होने से आईटीआई की पढ़ाई कर रहे छात्राओं को निजी घरों में किराया देकर रहना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय स्थित आईटीआई में तकनीकी शिक्षा ले रहे छात्राओं के लिए परिसर के भीतर ही तीन मंजिला छात्रावास के दो ब्लॉक में बने हैं। छात्रावास के दोनों ब्लॉकों के भवनों की मरम्मत के लिए गत छह माह पूर्व 18 लाख की स्वीकृति मिली थी जिससे छात्रावास में मरम्मत का कार्य होना था। संस्थान की ओर से छात्रों के लिए छात्रावास न्यूनतम किराया पर उपलब्ध करवाया जाता है।
छात्रावास के कमरों और शौचालय की स्थिति जर्जर होने से गत पांच सालों से छात्रावास बंद पड़ा है। सुविधा नहीं होने से आर्थिक रूप से कमजोर और दूर-दराज क्षेत्रों के छात्र आईटीआई में प्रवेश नहीं ले पाते हैं। संस्थान में तकनीकी शिक्षा की पढ़ाई कर रहे छात्र प्रियांशु, मिलन सिंह, अंकित कुमार ने बताया कि छात्रावास की सुविधा नहीं होने के कारण उन्होंने निजी घरों में कमरा किराये पर ले रखे हैं जबकि कई छात्र अपने रिश्तेदारों के यहां रहते हैं।
नगर क्षेत्र में निजी भवनों का किराया अधिक है। संस्थान में छात्रावास की सुविधा होती तो छात्रों को बाहर रहने की जरूरत नहीं पड़ती। बताया कि छात्रावास की सुविधा नहीं होने से संस्थान में संचालित कई ट्रेडों में सीटें खाली रह जाती है।
संस्थान के छात्रावास में प्रथम चरण में कमरों, खिड़कियों, दरवाजे, शौचालय आदि का मरम्मत का कार्य किया जाना था जो लगभग पूरा हो गया है। दूसरे चरण में छात्रावास में बिजली, पानी की फीटिंग, छत की मरम्मत और रंगाई-पुताई आदि कार्य होने हैं। अगले दो-तीन माह के भीतर ये कार्य पूरे होने की संभावना है।
-पल्लवी, प्रधानाचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी।