जिले में 15 फरवरी को होने वाले मतदान में इंद्रदेव मतदान कर्मियों के पसीने छुड़ा सकता है। मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो इन दिनों बारिश के साथ बर्फबारी भी हुई है। हालांकि निर्वाचन विभाग का दावा है कि सभी संवदेनशील बूथों में मौसम से निपटने के लिए पूरी तैयारियां की हुई है।
जिले के टिहरी, धनोल्टी, घनसाली विधानसभा के कई गांव मौसम के हिसाब से संवेदनशील हैं। इनमें फरवरी के दूसरे सप्ताह के दौरान मौसम में काफी उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहती है। खासतौर पर बर्फबारी के बाद सबसे बड़ी समस्या चंबा-मसूरी मोटर मार्ग पर आवाजाही सुचारु नहीं होने के कारण धनोल्टी विधानसभा पर पड़ सकती है।
धनोल्टी विधानसभा में सबसे अधिक 24 बूथ बर्फबारी के हिसाब से संवेदनशील हैं, वहीं टिहरी, घनसाली में छह-छह बूथ मौसम के हिसाब से संवेदनशील हैं। रानीचौरी परिसर के मौसम विभाग की वेदशाला के आंकड़ों के अनुसार पिछले दस वर्षों में 15 फरवरी के आसपास मौसम के पारे में जमकर उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। इन दिनों बर्फबारी, बारिश भी जमकर हुई है। न्यूनतम तापमान जीरो डिग्री से नीचे लुढ़ककर पहुंचा है।
मध्य हिमालयी क्षेत्र में चुनाव की तिथि के आसपास कई बार बर्फबारी और बारिश हुई है, जिससे क्षेत्र में तापमान जीरो से भी नीचे आ जाता है।
-प्रकाश नेगी, तकनीकी अधिकारी, रानीचौरी परिसर मौसम विभाग
मौसम के हिसाब से संवेदनशील बूथों की जानकारी निर्वाचन आयोग को भेज दी गई है। इससे निपटने के लिए पूरी तैयारियां कर ली गई है। साथ ही ठंड से बचाव के लिए उपकरण आदि भी मंगाए जा रहे हैं।
-डा. बरनवाल, एडीएम, टिहरी।
नोट यह आंकड़े 12 से 18 फरवरी के बीच के हैं।
वर्ष न्यूनतम तापमान औसत बारिश बर्फबारी
2007 0.6 58.7 14 फरवरी
2008 2.1 00 नहीं
2009 3.5 33.7 12 फरवरी
2010 2.6 00 नहीं
2011 2.7 91.3 17 फरवरी
2012 1.9 1.3 नहीं
2013 2.7 108.6 17 फरवरी
2014 0.1 86.5 15 और 16 फरवरी
2015 4.3 00 नहीं
2016 3.9 25.5 नहीं