नई टिहरी। भिलंगना ब्लाॅक के आपदा प्रभावित क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाएं और विद्युत लाइनों का मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है, जबकि विभागीय अधिकारी आपदा से पैदल संपर्क मार्गों, नहरों और खेती को हुए नुकसान का आंकलन करने में जुटे हैं। डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्र की व्यवस्थाएं बहाल करने के निर्देश दिए।
भिलंगना ब्लाॅक में बूढ़ाकेदार के तोली गांव में 26 जुलाई की रात को भू-धंसाव का मलबा एक घर में घुसने से मां-बेटी की मौत हो गई थी, जबकि 27 जुलाई को तिनगढ़ गांव के ऊपर भारी भू-धंसाव होने से खतरे की जद में आए गांव को खाली कराया गया था। उसके कुछ दिन बाद ही 31 जुलाई की रात को नौताड़ में बादल फटने से आए मलबे में एक होटल बह गया था, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी।
मुयालगांव में एक यात्रा मार्ग पर एक मोटर पुल भी आपदा की भेंट चढ़ गया था। वहां पिंस्वाड़ क्षेत्र में भी बारिश से काफी नुकसान हुआ है। बिजली, पानी, खेत, नहर, पैदल संपर्क मार्ग, पैदल पुलिया आदि संपत्तियों को काफी नुकसान हुआ है। डीएम ने संबंधित विभागों को आपदा से प्रभावित संपत्तियों का जल्द मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं।
जल संस्थान ने बताया कि आपदा प्रभावित कोट, विशन, थाती, बूढ़ाकेदार, अगुंडा, पिंस्वाड़ और उरणी में अस्थायी रूप से जलापूर्ति बहाल कर दी गई है। जखन्याली गदेरे में पानी कम होने पर मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। इससे प्रभावित क्षेत्र की योजना दूसरी लाइन से जोड़कर रोस्टर से पानी दिया जा रहा है। लोनिवि ने बताया कि मुयालगांव में बैली ब्रिज से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। डीएसओ ने बताया कि विनयखाल राहत शिविर में 95 परिवार के 196 सदस्यों के लिए रहने खाने की व्यवस्था की गई है।
ऊर्जा निगम के ईई अमित आनंद ने बताया कि नैलचामी के तोणखंड में बाधित विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। जखन्याली में 600 मीटर, तोणखंड में 200 मीटर, चौरा नहर 50 मीटर, भंडारगांव नहर 600 मीटर और होल्टा में 80 मीटर नहर क्षतिग्रस्त हुई है। इसका प्राक्लन तैयार किया जा रहा है।