थौलधार क्षेत्र के अधिकतर गांवों में पानी का संकट बना हुआ है। प्राकृतिक जल स्रोत सूखने से पेयजल योजनाओं का पानी सूखता जा रहा है। इससे लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
क्षेत्र के लोगों ने तहसील प्रशासन को भेजे ज्ञापन में खच्चर और टैंकरों से जलापूर्ति कराने की मांग की है। थौलधार ब्लॉक के ग्राम बौर, जौलंगी, ज्यूंदासू, डांग, कंस्यूड़, बैल, भेटी, मंजियाड़ी, ढरोगी, साणौं, गाफर, खांड और सरोट आदि गांवों में पानी की परेशानी बढ़ती जा रही है।
इन गांवों की पेयजल लाइनों के स्रोत सूखने से ग्रामीण पेयजल के लिए तरस रहे हैं। लोगों को हैंडपंपों से घंटों बाद पानी मिल पा रहा है, जबकि सड़क से दूर गांव के लोग पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। जहां कुछ पानी आ रहा है, वहां लोगों की भीड़ जमा होने से घंटों इंतजार के बाद ही पानी मिल पा रहा है।
क्षेत्र के जबर सिंह राणा, प्रेम सिंह राणा, वेदप्रकाश उनियाल और सुनील सिंह राणा ने तहसीलदार को दिए ज्ञापन में खच्चरों और टैंकरों से जलापूर्ति कराने की मांग की है। नायब तहसीलदार जगत सिंह धनोला ने कहा कि जल्द जलापूर्ति कराई जाएगी।