चंबा (टिहरी)। देवरी गांव में कोटी तल्ली के ग्रामीण पीने के पानी को तरस रहे हैं। गांव के पेयजल योजना से नहीं जुड़ने की वजह से लोग मजबूरन कुएं से पानी ढो रहे थे, लेकिन बरसात में कुएं का पानी दूषित होने से उन्हें हेंवल नदी से पानी ढोना पड़ रहा है।
देवरी ग्राम पंचायत में कोटी तल्ली के लिए आज तक कोई पेयजल योजना नहीं बन पाई है, जिससे गांव के 25 परिवारों को कुएं से ही पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। बारिश में कुएं का पानी दूषित होने से ग्रामीणों को दो-तीन किमी दूर हेंवल नदी से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। गांव के अनिल सकलानी, सरोजनी देवी, दिनेश सकलानी और हरीश सकलानी ने बताया कि उन्हें पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल निगम से योजना का प्रस्ताव तैयार करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन निगम इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने बताया कि कुएं से दिनभर पानी ढोना ग्रामीणों की नियति बन गई है। बारिश होने पर कुएं में बरसाती पानी भर जाता है, जिससे लोगों को नदी के पानी से काम चलाना पड़ रहा है। ईई आलोक कुमार का कहना है कि गांव से प्रस्ताव आया होगा तो उसका इस्टीमेट तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
घोन लालूडी गांव में पानी का संकट
26 लाख की योजना ने 13 साल में ही तोड़ दिया दम
अमर उजाला ब्यूरो
कंडीसौड़ (टिहरी)। जल निगम चंबा की लापरवाही घोन लालूडी गांव के लोगों पर भारी पड़ रही है। मरम्मत के अभाव में घोन लालूडी गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। 26 लाख की लागत से बनी पेयजल लाइन के 13 साल में ही क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था जल निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए योजना का पुनर्गठन करने की मांग की है।
थौलधार ब्लॉक के घोन लालूडी गांव में निवासरत 275 परिवारों की प्यास बुझाने के लिए 2005-06 में 26 लाख की लागत से पेयजल योजना का निर्माण किया गया था, लेकिन जल निगम की लापरवाही से जागल नामे तोक से जामणीधार तक पेयजल लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे पाइप लाइन का पानी रास्तों पर बह रहा है।
ग्राम प्रधान बासुदेव कोठारी, भीम सिंह मेहर ने बताया कि पेयजल लाइन 13 साल पहले बनी थी, लेकिन मरम्मत न होने के कारण पाइप लाइन से जगह-जगह रास्तों पर पानी लीकेज हो रहा है। यदि निर्माण के दौरान गुणवत्ता में खामियां नहीं होती तो घरों में पानी की आपूर्ति बाधित नहीं होती। उन्होंने विधायक प्रीतम पंवार को ज्ञापन सौंपकर घोन लालूडी पेयजल योजना का पुनर्गठन करने की मांग की है। जल निगम चंबा के सहायक अभियंता एके सिंह ने बताया कि घोन लालूडी योजना के स्रोत पर पानी कम होने से पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लीकेज पाइपों की मरम्मत जल्द ही की जाएगी।
टैंक में लीकेज से बानुड़ी गांव में पेयजल संकट
देवाल/कर्णप्रयाग। देवाल के बानुड़ी गांव की बधाड़गाड़-देवस्थली पेयजल योजना के टैंक में लीकेज से कई गांवों में पेयजल संकट बना है। ग्राम प्रधान ने पेयजल टैंक की मरम्मत की मांग को लेकर डीएम को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में बानुड़ी के ग्राम प्रधान आनंद बल्लभ कुुनियाल ने बताया कि बधाड़गड़ी-देवस्थली पेयजल योजना से मुंदोली, देवस्थली, बानुड़ी गांव के ग्रामीणों को पेयजल की आपूर्ति होती है लेकिन योजना के पेयजल टैंक में हो रहे लीकेज से इन गांवों तक पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने डीएम से जल्द पेयजल टैंक की मरम्मत के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की। जल संस्थान के सहायक अभियंता एसके राय ने कहा कि जल्द जेई को मौके पर भेजकर पेयजल टैंक की मरम्मत कर दी जाएगी। वहीं कर्णप्रयाग के ग्राम पंचायत डिम्मर के टटासू पेयजल स्रोत पर फिल्टर नहीं लगाने से दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। आवास विकास समिति के अध्यक्ष पवन डिमरी, सचिव रविंद्र खंडूड़ी, कोषाध्यक्ष जयदीप गेरोला, हर्षवर्द्धन डिमरी, बीएन डिमरी, प्रणवेंद्र प्रसाद डिमरी आदि ने जल संस्थान के अधिकारियों से पेयजल स्रोत पर फिल्टर लगाने की मांग की है।