भिलंगना रेंज में घनसाली- घुत्तू मोटर मार्ग से कोठार गांव के लिए पीएमजीएसवाई में मंजूर चार किमी सड़क कटिंग में आड़े आ रहे चीड़ के पेड़ नहीं काटे जाने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को ढोल-दमाऊं के साथ मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने खुद ही कुल्हाड़ी व आरी उठाकर सड़क निर्माण में आड़े आ रहे कुछ पेड़ काट डाले। साथ ही जल्द पेड़ों का कटान शुरू नहीं किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं वन निगम का कहना है कि ग्रामीणों ने पहले एलाइनमेंट बदलने की मांग को लेकर खुद ही मजदूरों को पेड़ों को काटने से रोका था।
भिलंगना ब्लॉक में कोठार गांव के लिए स्वीकृत चार किमी सड़क निर्माण की निविदा 10 माह पहले आमंत्रित की गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि वन भूमि हस्तांतरित होने पर वन विभाग ने चीड़ के पेड़ों का छपान कर काटने के लिए वन निगम को दिया, लेकिन निगम पांच माह बीतने पर भी पेड़ों की कटिंग शुरू नहीं कर पाया है। जिससे सड़क कटिंग कार्य शुरू होने से गुस्साए ग्रामीण सोमवार को खुद ढोल-दमाऊं के साथ मौके पर पहुंचे और कुल्हाड़ी व आरी से आधा दर्ज पेड़ काट डाले।
प्रधान दीपक पैन्यूली ने कहा कि निगम ने पेड़ों की कटिंग जल्द शुरू नहीं की, तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर चिंतामणि शास्त्री, सर्वेश्वरी देवी, अनुसूया तिवाड़ी, सरोजनी नवानी, मीना देवी, रोशनी आदि शामिल थे। इस बाबत वन निगम के प्रभागीय लौंगिक अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि पेड़ों के पातन के लिए 18 मई को वहां मजदूर भेजे गए थे। तब ग्रामीणों ने एलाइनमेंट बदलने की मांग को लेकर पातन नहीं करने दिया। यह जानकारी एसडीएम, पीएमजीएसवाइ के ईई, डीएफओ और गांव के प्रधान को दे दी गई थी। अभी वहां से कोई जवाब नहीं आया है। ग्रामीणों द्वारा पेड़ काटने की जानकारी नहीं है।