पुजारगांव के लोग 15 साल से सड़क निर्माण की राह देख रहे हैं। शासन-प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा गांव के 250 परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। बाजार से चार किमी पैदल दूरी तय कर रसद सामग्री, रसोई गैस पीठ और कंधों पर ढोना ग्रामीणों की मजबूरी बन गई है।
प्रतापनगर ब्लॉक के पुजारगांव के लोगों का सड़क निर्माण का सपना हकीकत में नहीं बदल पा रहा है। 2003 में प्रदेश सरकार ने पुजारगांव के लिए सड़क निर्माण की सौगात दी थी। डोडग थापला से पुजारगांव तक 3.2 किमी सड़क निर्माण के लिए 2 करोड़ 12 लाख की स्वीकृति मिली थी, लेकिन प्रथम चरण में मुआवजा वितरण के बाद निर्माण कार्य की वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। तब से ग्रामीण लगातार सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन के स्तर पर सिर्फ आश्वासन ही मिलते रहे।
पूर्व प्रधान सुरेश आर्य, गिरीश आर्य, गुणानंद ईश्वर प्रसाद का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई बार सीएम, डीएम और स्थानीय विधायक को ज्ञापन दिया।
डोडग थापला-पुजार गांव सड़क की स्वीकृति पुराने सर्किल रेट पर मिलने से कार्य शुरू करने में दिक्कतें आ रही है। नए सर्किल रेट की डीपीआर बीते जून में शासन को स्वीकृति के लिए भेजी गई थी, लेकिन शासन से स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
-केएस नेगी, ईई, लोनिवि प्रांतीय खंड टिहरी