लोनिवि की लापरवाही जनता पर भारी पड़ रही है। लोनिवि सड़क निर्माण तो कर रहा है, लेकिन अधिग्रहण की जा रही भूमि का मुआवजा नहीं दे रहा है। मांजफ-घोल्डाणी मोटर मार्ग पर काश्तकारों की भूमि अपने नाम करवाने के बाद भी मुआवजा न देने पर ग्रामीणों ने मोटर मार्ग पर करीब 15 दिनों पहले आवाजाही बंद कर दी है, जिससे ढुंगमंदार और ओण पट्टी दर्जनों गांव के लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लोनिवि से प्रभावित परिवारों को मुआवजा भुगतान कर सड़क खुलवाने की मांग की।
जाखणीधार और प्रतापनगर ब्लॉक के दर्जनों गांव को जोड़ने के लिए 2005-06 में मांजफ-घोल्डाणी-मंदार मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ था, लेकिन वनभूमि से लेकर अन्य कारणों के चलते सड़क निर्माण नहीं हो पाया था। लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी ने मार्च 2021 में बमुश्किल पौन आठ किमी मोटर मार्ग का प्रथम चरण का कार्य करवाया था, जिससे दोनों ब्लॉक के गांव आपस में जुड़ गए थे। मार्ग पर नियमित रूप से वाहनों की आवाजाही हो रही थी। मार्ग पर वाहन चलने से ग्रामीणों को 30-40 किमी का अतिरिक्त सफर तय करने से निजात मिल गई थी। लेकिन सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहण की गई मांजफ गांव के करीब 30 परिवारों को भूमि का मुआवजा नहीं दिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर मिट्टी, पत्थर डालकर आवागमन बंद कर दिया।
ब्लॉक प्रमुख प्रदीप चंद रमोला, जाखणीधार प्रमुख सुनीता देवी ने शासन-प्रशासन से मुआवजा भुगतान करवाकर सड़क पर आवागमन शुरू करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बमुश्किल मार्ग पर आवागमन शुरू हुआ था, लेकिन अब मुआवजा भुगतान न होने से मार्ग बंद हो गया है। मार्ग के बंद होने पर लोगों को रजाखेत-प्रतापनगर मोटर मार्ग से 30 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
मांजफ-घोल्डाणी मार्ग पर ग्रामीणों के मुआवजा भुगतान के लिए शासन को करीब 95 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें से 35 लाख रुपये पूर्व में मिल चुके थे, जो संबंधित ग्रामीणों को वितरित कर दिया गया था। शेष 60 लाख का बजट इस माह मिलने की उम्मीद है।
-शुभम पुंडीर, सहायक अभियंता, लोनिवि बौराड़ी।