घनसाली (टिहरी)। आपदा से क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत शुरू नहीं करने और गांव में अन्य सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं करने पर रक्षिया गांव के लोगों ने कड़ा आक्रोश जताया। कहा कि रास्ते क्षतिग्रस्त होने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। उन्होंने जल्द समस्या हल नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
बीते 26 और 27 जुलाई को बूढ़ाकेदार क्षेत्र में बादल फटने और अतिवृष्टि से खेतों, नहरों, रास्तों, पैदल पुलिया को भारी नुकसान पहुंचा था। अनुसूचित जाति बाहुल्य रक्षिया गांव के पैदल मार्ग भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गए थे। पर्यावरणविद् सुरेश भाई ने रक्षिया गांव के संपर्क मार्गों का निरीक्षण कर शासन-प्रशासन से जल्द मरम्मत करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि रक्षिया गांव प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम है। धर्मगंगा नदी में बाढ़ आने से मेड और रक्षिया गांव के लिए बने मोटर पुल से लेकर एक किमी कुलबंद तोक तक बाढ़ के कारण ग्रामीणों की खेती, रास्ते और सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
ग्रामीणों ने रक्षिया बूढ़ाकेदार आपदा प्रभावित अनुसूचित जाति संघर्ष समिति का गठन है। समिति के अध्यक्ष महेश रमोला ने बताया 17 अगस्त को घनसाली तहसीलदार के माध्यम से जिलाधिकारी को पत्र भेजकर रक्षिया गांव में आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुर्ननिर्माण और मरम्मत की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
इस मौके पर समिति के सदस्य नागेंद्र दत्त, क्षेत्र पंचायत सदस्य अब्बल छनवाण, जयशंकर नगवाण आदि मौजूद रहे। इस बाबत तहसीलदार हरीश जोशी का कहना है कि रक्षिया गांव में सुरक्षा दीवार और अन्य कार्य करने के लिए सिंचाई विभाग को पत्र भेज दिया गया है। गांव के लोगों की ओर से मिला मांग पत्र जिलाधिकारी को भेज दिया गया है।