बूढ़ाकेदार-पिनस्वाड मार्ग पर झाला गदेरे में निर्माणाधीन मोटर पुल का इंतजार फरवरी में खत्म होने की उम्मीद जग गई है। पिनस्वाड गांव की 1200 आबादी को फरवरी से झाला मोटर पुल से आवागमन की सुविधा मिलेगी। बूढ़ाकेदार-पिनस्वाड मार्ग पर झाला गदेरे में पुल न होने के कारण लोगों को बरसात में जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता था। बरसात में अक्सर झाला गदेरे में सड़क बंद होने से वाहनों का आवागमन बंद हो जाता था।
भिलंगना ब्लॉक के सीमांत पिनस्वाड गांव को 2018 में सड़क मार्ग से जोड़ने की स्वीकृति मिली थी। 1200 आबादी वाले पिनस्वाड गांव के लिए 2019 में 12 करोड़ की लागत से 20 किमी सड़क निर्माण पूरा हो चुका था। गांव तक वाहनों का आवागमन भी हो गया था। झाला गदेरे में पुल निर्माण न होने के कारण बरसात के सीजन में ग्रामीणेां की मुसीबतें बढ़ जाती है। बारिश होते ही गदेरे का जल स्तर बढ़ने पर अक्सर वहां सड़क बंद हो जाती है। पिनस्वाड गांव के भरत सिंह राणा, सुरेंद्र सिंह, विमल सिंह, गब्बर सिंह ने कहना है कि झाला गदेरे में पुल निर्माण न होने के कारण बारिश के दौरान उन्हें यातायात सुविधा से पूरी तरह से वंचित रहना पड़ता है।
झाला गदेरे में वाप्कोस कंपनी ने एक जून 2019 को तीन करोड़ 63 लाख 12 हजार की लागत से 48 मीटर लंबे मोटर पुल का निर्माण शुरू किया था। 31 मई 2020 तक पुल निर्माण कार्य का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन तय समय सीमा के डेढ़ साल बाद अब जाकर पुल निर्माण फरवरी तक पूरा होने की उम्मीद जगी है।
झाला गदेरे में पुल का 80 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है। फरवरी से पुल पर वाहनों का आवागमन कर दिया जाएगा। कोरोना संक्रमण के दौरान मजदूर न मिलने के कारण पुल निर्माण में विलंब हुआ है।
-एमएस बिष्ट, स्थानिक अभियंता, पीआईयू घनसाली।