जिलाधिकारी व जिला निर्वाचन अधिकारी इंदुधर बौड़ाई ने कहा कि चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों समेत निर्दलीय प्रत्याशियों के चुनाव खर्च पर कड़ी नजर रखी जा रही है। डीएम ने बताया कि चुनाव में कानून व्यवस्था पर नजर रखने के लिए कर्नाटक के आईपीएस अधिकारी विजय कुमार सिंह को आयोग की ओर से तैनात किया गया है, जबकि चुनावी खर्चे पर नजर रखने के लिए भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी राजेंद्र झा और पी. गोपा कुमार को तैनात किया गया है।
सामान्य निर्वाचन व्यवस्था के लिए हरियाणा के आईएएस अधिकारी साकेत कुमार, हिमाचल के आईएएस अधिकारी वीर सिंह ठाकुर को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मतदाताओं में जागरूकता के लिए स्वैप कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके लिए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की अधिकारी ऋतु शुक्ला को तैनात किया गया है।
जिले में 876 मतदान केंद्र व 914 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। 32 केंद्रों पर दो-दो मतदेय स्थल हैं, जबकि दो मतदान केंद्रों पर चार मतदेय स्थल बनाए गए हैं। सभी छह विधानसभाओं में 80 मतदान केंद्र संवेदनशील और 19 केंद्र अति संवेदनशील हैं।
बताया कि जिले में कुल चार लाख 91 हजार मतदाता हैं, जिनमें से 17 जनवरी तक 10 हजार मतदाता सूची में दर्ज किए हैं। सर्विस वोटरों की संख्या 5556 है। सभी मतदाताओं को फोटोयुक्त पहचान पत्र जारी जा चुके हैं। द्वितीय चरण में चुनाव ड्यूटी में तैनात कार्मिकों का प्रशिक्षण तीन फरवरी से दिया जाएगा।