राजकीय मेडिकल कॉलेज में दो कोरोना संक्रमित बुजुर्गों की आधा घंटे के अंतराल में मौत हो गई। इनमें से एक पुरुष चमोली और एक महिला रुद्रप्रयाग जिला निवासी थी।
मेडिकल कॉलेज के पीआरओ अरुण बडोनी ने बताया कि मंगलवार अपराह्न लगभग ढाई बजे चमोली जिले के झिरकोटी गांव से 72 वर्षीय बुजुर्ग को अस्पताल लाया गया। रेपिड टेस्ट मेें पॉजिटिव आने पर उन्हें कोविड अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करा दिया गया। शाम लगभग साढ़े सात बजे उक्त कोरोना संक्रमित ने दम तोड़ दिया। मृतक को हाइपर टेंशन की शिकायत थी। हृदय और फेफड़ों के काम बंद करने की वजह से उनकी मौत बताई गई। इसी के आधे घंटे बाद रात आठ बजे रुद्रप्रयाग जिले के घेंघड़ गांव की 78 वर्षीय महिला की भी मौत हो गई। महिला को मंगलवार शाम पौने सात बजे बेस अस्पताल में लाया गया था। रेपिड टेस्ट के बाद उन्हें कोविड-19 होल्डिंग एरिया में रखा गया था। कोरोना टेस्ट में वह पॉजिटिव निकलीं। कोविड अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करने पूर्व ही रात 8 बजे उनकी मौत हो गई। महिला एक्यूट रिस्पायरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (सांस संबधी परेशानी) से ग्रसित थी।
टिहरी जिले में 24 लोग मिले कोरोना संक्रमित
नई टिहरी। टिहरी जिले में बुधवार को 24 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2264 तक पहुंच गई है। नरेंद्रनगर ब्लॉक में सर्वाधिक 18 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। सभी लोग स्थानीय हैं और उन्हें कोविड केयर सेंटरों में आइसोलेट किया गया है। एडीएम शिवचरण द्विवेदी ने बताया कि अभी 310 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है।
चमोली में आए कोरोना के 52 मामले
गोपेश्वर/गौचर/कोटद्वार। चमोली जिले में बुधवार को कोरोना के 52 नए मामले सामने आए। इसके बाद जिले में कोरोना के आंकड़े 1026 हो गए हैं, जिसमें 728 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमितों को कोविड अस्पताल में भर्ती कर दिया है। वहीं गौचर में एक ही दिन में सर्वाधिक 27 मामले सामने आए। 29 सितंबर को इन लोगों के सैंपल लिए गए थे। इनमें से 15 रावलनगर गांव से, 10 गौचर बाजार व समीपवर्ती वार्डों और 2 आईटीबीपी जवान शामिल हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए व्यापार संघ ने आगामी 2 अक्तूबर तक बाजार पूर्णतया बंद रखा है। वहीं कोटद्वार क्षेत्र के 15 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले। सीएमओ डॉ. मनोज बहुखंडी ने बताया कि सभी संक्रमितों को आइसोलेट कर दिया है।
कोरोना टेस्ट नहीं करने का आरोप
कोटद्वार। अधिवक्ता अरविंद वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग पर उनका कोविड टेस्ट नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित वन मंत्री के सीधे संपर्क में आने पर उनके साथ की महिला अधिवक्ता कोरोना संक्रमित मिली। संक्रमित अधिवक्ता के सीधे संपर्क में वह भी रहे। इसलिए वे भी अस्पताल में कोरोना टेस्ट कराने गए थे लेकिन उन्होंने टेस्ट नहीं किया। बेस अस्पताल के पीएस डा. बीसी काला ने आरोपों को निराधार बताया। कहा कि अस्पताल में लगाई ट्रू-नेट मशीन से एक दिन में मात्र 10 से 11 टेस्ट हो पा रहे हैं। इसलिए इस मशीन का उपयोग केवल अस्पताल में भर्ती मरीजों का कोरोना टेस्ट के लिए किया जा रहा है। एम्स ऋषिकेश भेजे जाने वाले कोरोना सैंपल कौड़िया और बेस अस्पताल में लिए जा रहे हैं, कोरोना के लक्षण वाले कोई भी व्यक्ति यहां सैंपल दे सकते हैं। संवाद