क्षेत्र में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति के दावे करने वाला जलसंस्थान लोगों को बरसात में भी पानी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। क्षेत्र में तीन ट्यूबवेलों की मोटर फुंकी हुई है। पेयजल आपूर्ति बाधित होने से पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। विभाग इंटर कनेक्टिविटी के दावे कर रहा है, लेकिन हजारों पेयजल उपभोक्ताओं को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
चार दिन पहले देवी मंदिर और घराट के ट्यूबवेल की मोटर में खराबी आ गई थी। इस वजह से शिब्बूनगर, पदमपुर, बालसौड़, हरसिंगपुर, नया गांव, सिमलचौड़, लालपुर, मानपुर आदि ग्रामपंचायतों में पानी ठप हो गया।
विभाग इंटर कनेक्टिविटी के माध्यम से सिताबपुर और लालपुर में स्थापित ट्यूबवेलों से पानी मुहैया करा रहा है, लेकिन लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है उन्हें एक-एक बाल्टी पानी में गुजारा करना पड़ रहा है। लोग अन्य क्षेत्रों से पानी ढोने को मजबूर हैं।
ग्रास्टनगंज में तीन दिन से ट्यूबवेल फुंका हुआ है, जिससे ग्रास्टनगंज, रतनपुर, जीतपुर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति ठप है। लोग पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिक प्रदीप सिंह चौहान, ललित मोहन, पंकज सिंह रावत का कहना है कि क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति एक ट्यूबवेल पर निर्भर है।
विभाग की लापरवाही के कारण हर छह महीने में ट्यूबवेल की मोटर फुंक जाती है, जिसके कारण हफ्तों तक लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। वर्तमान में डिफेंस कालोनी, रतनपुर के लोग जंगलात की चौकी में जंगली स्रोत से आने वाला पानी और ग्रास्टनगंज के लोग झूला बस्ती से पानी ढोने को मजबूर हैं।
उधर, जलसंस्थान के अवर अभियंता बीएम रावत ने बताया कि देवी मंदिर और घराट के ट्यूबवेलों पर कार्य अंतिम चरण में है, शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु की जाएगी।