मसोन-द्वारगढ़ मार्ग पर 33 साल से नहीं हो पाया डामरीकरण
अधूरा चौड़ीकरण और डामरीकरण से लोगों मुश्किलें बढ़ीं
नैनबाग (टिहरी)। मसोन-कांडी-द्वारगढ़-जयद्वार मार्ग पर ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। नौ किलोमीटर लंबी सड़क का डामरीकरण तीन दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी नहीं हो पाया है। बदहाल स्थिति के कारण सड़क पर पैदल चलना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की शुरुआत वर्ष 1991-92 में मसोन बैंड से पाव गांव तक पांच किमी हिस्से से हुई थी। इसके बाद 1995-96 में सड़क को जयद्वार तक बढ़ाया गया लेकिन तब से लेकर अब तक न तो इसका डामरीकरण हुआ और न ही सुधार कार्य हो पाया है। क्षेत्रवासी वर्षों से लगातार सड़क चौड़ीकरण और डामरीकरण की मांग उठा रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
क्षेत्र के शरण सिंह पंवार, देशपाल पंवार, धीरेंद्र पंवार, प्रवीण चौहान, अजीत पंवार का कहना है कि वर्ष 2023-24 में लोनिवि थत्यूड़ ने सड़क चौड़ीकरण का कार्य तो शुरू किया लेकिन यह मानकों के अनुरूप नहीं हो पाया। मिट्टी हटाने और ढालों को मजबूत करने जैसे जरूरी काम अधूरे ही छोड़ दिए गए।
तहसील दिवस और बीडीसी बैठक में भी शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन विभाग ने अब तक कोई कार्यवाही नहीं की। कई जगहों पर सड़क किनारे पड़ी मिट्टी हादसों को न्योता दे रही है। सड़क पाव, कोटी और जयद्वार मल्ला-तल्ला गांवों को जोड़ती है। किसान अपनी नकदी फसलों को इसी मार्ग से नैनबाग, विकासनगर और देहरादून मंडी तक पहुंचाते हैं। सड़क की स्थिति बदहाल होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें आ रही है।
मसोन-कांडी-द्वारगढ़-जयद्वार सड़क हाल ही में लोनिवि से पीएमजीएसवाई को स्थानांतरित हो गई है। अब डामरीकरण और अन्य सुधार कार्य पीएमजीएसवाई ही करवाएगा।
- सोनू त्यागी, अधिशासी अभियंता लोनिवि थत्यूड़