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Tehri News: बीमार बुजुर्ग को चार किमी डंडी-कंडी से पैदल पहुंचाया सड़क तक

Wed, 12 Nov 2025 06:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
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आज तक सड़क तक नहीं जुड़ पाया धारगांव, बुजुर्ग का पैर हो गया था फ्रैक्चर
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डाॅक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद श्रीनगर बेस अस्पताल किया रेफर
घनसाली (टिहरी)। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के बाद भी भिलंगना ब्लॉक का दूरस्थ धारगांव सड़क से नहीं जुड़ पाया है जिससे गांव के लोग तीन-चार किमी पैदल नापने को मजबूर हैं। बुधवार को धारगांव के बुजुर्ग प्रेम सिंह पंवार का पैर फ्रैक्चर हो गया था लेकिन गांव में सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने बुजुर्ग को डंडी-कंडी पर बैठाकर सड़क तक पहुंचाया। उसके बाद बुजुर्ग को अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद श्रीनगर रेफर किया गया।
उत्तराखंड राज्य बने 25 वर्ष होने पर सरकार अपनी उपलब्धियों का बखान कर रही है लेकिन दूर-दराज गांव के लोग सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए जूझ रहे हैं। नैलचामी पट्टी में करीब 15 सौ की आबादी वाला धारगांव और तितराणा के ग्रामीण लंबे समय से सड़क सुविधा की मांग करते आ रहे हैं लेकिन गांव में अभी तक सड़क नहीं पहुंच पाई है।
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प्रधान मधु देवी ने बताया कि बुधवार को ही गांव के एक बुजुर्ग का पैर फ्रैक्चर हो गया था। गांव के सुनील सिंह, चंद्रशेखर और सूरत सिंह ने बुजुर्ग को डंडी-कंडी के सहारे कई परेशानियों का सामना करते हुए सड़क तक पहुंचाया। उसके बाद उन्हें सीएचसी बेलेश्वर में भर्ती कराया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि यह समस्या ग्रामीण लंबे समय से झेलते आ रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को भी सड़क तक पहुंचना खासा मुश्किल होता है।
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प्रधान ने बताया कहा कि घनसाली-तिलवाड़ा स्टेट हाईवे से थौलधार से सिरोली होते हुए धारगांव-मयाली तक सड़क का सर्वे हो रखा है लेकिन अभी तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। गांव के मनवर सिंह ने बताया कि नैलचामी के कई गांवों में आज भी सड़क, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इस बाबत लोनिवि के ईई डीसी नौटियाल का कहना है कि थौलधार से वाया धारगांव होते हुए मयाली तक करीब साढ़े चार किमी सड़क का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वन भूमि का प्रकरण दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
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