पुल नहीं बनने से छह किमी सड़क का लोगों को नहीं मिल पा रहा है लाभ
घनसाली (टिहरी)। सीमांत गांव गेंवाली को सड़क से जोड़ने के लिए जाखणा गांव और गेंवाल गाड में पुलों का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, जिससे लोगों को सड़क का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुलों के कार्यों में तेजी लाने की मांग की है।
भिलंगना ब्लॉक के सीमांत गांव गेंवाली के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत जाखणा गांव से गेंवाली गांव के लिए छह किमी सड़क का इसी वर्ष निर्माण कार्य पूरा हो गया है। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि उन्हें जल्द सड़क का लाभ मिल जाएगा, लेकिन गांव तक पहुंचने के लिए तीन में से दो पुलों के तैयार नहीं होने से ग्रामीणों को सड़क की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीण सोहन सिंह, बचन सिंह, कुंदन सिंह, जितेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, कीर्ति सिंह ने बताया कि गेंवाली गांव को जोड़ने वाली सड़क के पंगेठी गदेरे पर एक कंपनी द्वारा आठ माह पूर्व एक पुल तैयार कर दिया है, लेकिन जाखणा और गेंवाल गाड के पुलों के कार्य धीमी गति से चलने से ग्रामीणों को सड़क का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बरसात के समय बालगंगा नदी और गदेरों का जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में खासी परेशानियां उठानी पड़ती है। गेंवाली गांव में 150 परिवार निवासरत हैं। जाखणा गांव के पास बालगंगा नदी पर 2 करोड़ 38 लाख की लागत पुल निर्माण किया जाना है, लेकिन पुल निर्माण का कार्य धीमी गति से चल रहा है।
गेंवाल गाड पर लगभग दो करोड़ की लागत से पुल बनना है। दोनों पुलों की स्वीकृति वर्ष 2021-22 में स्वीकृति मिली थी। पुलों को मार्च 2024 में बनकर तैयार होना था, लेकिन पुल तय समय सीमा पर नहीं बन पाए हैं। ग्रामीण कई बार विभाग और प्रशासन से पुल निर्माण कार्यों में तेजी लाने की गुहार लगा चुके हैं। बावजूद जाखणा गांव का पुल तैयार नहीं हो पाया है, वहीं गेंवाल गाड पर भी पुल का कार्य शुरू ही नहीं हो पाया है। ग्रामीणों को जल्द सड़क का लाभ नहीं मिलता है, तो ग्रामीण आंदोलन शुरू करेंगे।
गेंवाली मोटर मार्ग पर तीन पुल स्वीकृत है, जिसमें पंगेठी गदेरे पर शेल शिखर कंपनी द्वारा पुल निर्माण का कार्य पूरा कर दिया गया है। जाखणा में बालगंगा नदी पर पुल निर्माण का सामान एकत्रित किया जा रहा है। जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा। गेंवाल गाड में सड़क खुलने के बाद ही पुल का निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा।
पवन कुमार सिंह, ईई, पीएमजीएसवाई टिहरी।