उद्यान में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन लगाने से मिलेगी मौसम की सटीक जानकारी
थत्यूड़ (टिहरी)। जौनपुर ब्लॉक के राजकीय उद्यान मगरा में प्रस्तावित कीवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संभावनाओं का आकलन करने के लिए न्यूजीलैंड के वैज्ञानिक मगरा पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र का निरीक्षण कर वहां कीवी उत्पादन की अपार संभावनाएं जताई। इस दौरान उद्यान में ऑटेमेटिक वेदर स्टेशन भी स्थापित किया गया।
न्यूजीलैंड के वैज्ञानिकों ने मगरा उद्यान में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण कर उच्च गुणवत्ता वाली नर्सरी, मदर ब्लॉक, प्रशासनिक भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का जायजा लेकर क्षेत्र की जलवायु, मिट्टी और कीवी उत्पादन की संभावनाओं का तकनीकी मूल्यांकन किया।
न्यूजीलैंड के बायोसाइंस संस्थान से आए वैज्ञानिकों ने क्षेत्र के कीवी उत्पादक किसानों से संवाद कर जानकारी साझा की। विशेषज्ञों ने उन्हें रोग प्रबंधन, ट्रेनिंग एवं प्रूनिंग तकनीक, आधुनिक बाग प्रबंधन और उन्नत उत्पादन प्रणालियों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने कहा कि योजना धरातल पर उतरी तो मगरा उत्तराखंड के प्रमुख कीवी उत्पादन केंद्र के रूप में पहचान बनाएगा।
टीम में डेनियल कोलिन ब्लैक, निकोलस गूल्ड, जॉय लॉरेन टायसन, स्टीवन रॉबर्ट ग्रीन, जेरेमी निकोलस बॉर्डन और स्टीफेन क्लेयर शामिल थे। इस मौके पर भारतीय न्यूजीलैंड उच्चायोग की सुदेशना रे, कृषि मंत्रालय से चिराग, उद्यान निदेशालय की सुरभि पांडे और कविता राणा मौजूद थे। डीएचओ अरविंद शर्मा ने कहा कि मगरा में कीवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होने से कीवी उत्पादकों को काफी लाभ मिलेगा।