नई टिहरी में राज्य आंदोलनकारी रहे गंभीर सिंह कठैत की मां से वार्ता करते प्रभारी मंत्री प्रीतम पंवार व डीएम इंदुधर बौड़ाई।
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बेटे को शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर स्थापना दिवस से धरने का एलान कर चुकी राज्य आंदोलनकारी की मां रामेश्वरी कठैत ने जिला प्रशासन एवं प्रभारी मंत्री के आश्वासन पर तीन माह के लिए स्थगित कर दिया है। बुधवार को एडीएम ने कठैत के घर जाकर मां को समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया।
राज्य आंदोलनकारी गंभीर सिंह कठैत की मां लंबे समय से बेटे को शहीद का दर्जा देने, मूर्ति स्थापित करने, बौराड़ी स्टेडियम, पैतृक गांव धारकोट बडियारगढ़ के राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल को गंभीर के नाम पर रखने की मांग कर रही है। गंभीर सिंह की मां राजेश्वरी कठैत ने राज्य स्थापन दिवस पर सपरिवार अनशन शुरू करने की चेतावनी दी थी।
डीएम इंदुधर बौराड़ी ने आंदोलनकारी चिह्निकरण के लिए एसएसपी से तत्काल आंदोलन के दौरान के दस्तावेज प्रस्तुत करने और शहीद का दर्जा देने हेतु प्रमुख सचिव गृह को पत्र, बौराड़ी में लगाई गई मूर्ति को मूल फोटो से मिलाने करने के निर्देश दिए। उन्होंने एडीएम डा. एसके बरनवाल को बुधवार सुबह रामेश्वरी कठैत के घर भेजकर समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिया। साथ ही जिले के प्रभारी मंत्री प्रीतम पंवार से भी रामेश्वरी कठैत की मुलाकात करवाई गई, जिस पर उन्होंने अनशन का निर्णय वापस लिया। रामेश्वरी कठैत ने बताया कि मांग पूरी नहीं होने पर 19 फरवरी को गंभीर की शहादत दिवस से बेमियादी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
राज्य आंदोलनकारी रहे गंभीर सिंह कठैत को शहीद का दर्जा दिलाए जाने संबंधी समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए हैं। जल्द ही सीएम से वार्ता कर शहीद का दर्जा दिलवाया जाएगा।
-प्रीतम सिंह पंवार, शहरी जिले के प्रभारी मंत्री।