यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को आवागमन में हो रही है परेशानी
नैनबाग (टिहरी)। राष्ट्रीय राजमार्ग-707 ए मसूरी, त्यूणी, मलेथा को बाधित हुए दो माह से अधिक का समय हो गया है लेकिन अभी तक क्षतिग्रस्त हिस्से का मरम्मत नहीं हो पाई है। हाईवे की मरम्मत नहीं होने से यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गत 14 सितंबर को नैनबाग क्षेत्र में अतिवृष्टि से एनएच-707 ए गस्ती बैंड के पास 139 किमी तक करीब 100 मीटर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी रूप से प्रतिबंधित की गई है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य कविता रौछैला, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मीनाक्षी चौहान, टीकम चौहान, सिकंद रौछेला का कहना कि एनएच को क्षतिग्रस्त हुए ढाई माह से अधिक समय हो गया है लेकिन मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा कि आपदा के कुछ दिन बाद एनएच को जोड़ने के लिए एक वैकल्पिक सड़क का निर्माण करवाया लेकिन सड़क कच्ची होने के कारण वाहनों को आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है। एनएच की ओर से अभी तक सड़क पर बड़े वाहनों के संचालन की अनुमति तक नहीं दी गई है जिससे क्षेत्र के कैंपटी, सैजी, भटोली, बैडियना सहित आसपास के ग्रामीणों ने अपने घरों के निर्माण के लिए बजरी, ईंट, सीमेंट, सरिया आदि सामान नहीं ला पा रहे हैं।
मसूरी और उत्तरकाशी से देहरादून के लिए एनएच से तीन परिवहन निगम की बसे संचालित होती थी। परिवहन निगम की बसों में क्षेत्र के बुजुर्ग निशुल्क सवारी करते थे। एनएच क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों को बसों का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। लोग टैक्सी में सफर करने के लिए मजबूर हैं। बसें अब जमुना पुल-विकासनगर होते हुए देहरादून जा रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन और एनएच के अधिकारियों से सड़क से बड़े वाहनों के संचालन की मांग की है।
एनएच-707 ए के क्षतिग्रस्त हिस्से को जोड़ने के लिए पूर्व में वैकल्पिक सड़क तैयार की है। सड़क का हिस्सा कच्चा होने के कारण बड़े वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। सड़क के डामरीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। एनएच के क्षतिग्रस्त हिस्से के निर्माण के लिए पूर्व ही प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया था।
नवनीत पांडे, अधिशासी अभियंता, एनएच-707 ए।