दिसंबर और जनवरी में अधिक रहती गुलदार की गतिविधियां : डीएफओ
नई टिहरी। मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है। प्रभागीय वनाधिकारी टिहरी पुनीत तोमर ने पत्रकार वार्ता में कहा कि दिसंबर और जनवरी में गुलदार की गतिविधियां अधिक बढ़ जाती है। इन दो महिनों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होती है।
डीएफओ ने बताया कि प्रतापनगर के धारमंडल, सेम मुखेम, भिलंगना के बासर, थाती, हिंदाव और जौनपुर के कौडिया रेंज में भालू और गुलदार की हमेशा गतिविधियां बनी रहती है। संवेदनशील वाले क्षेत्रों में वन विभाग की टीमों को पेट्रोलिंग के लिए फॉक्स लाइट, टार्च आदि जरूरी सामान दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिले में भालू के हमले की दो घटनाएं सामने आई है जिसमें दो व्यक्तियों को मामूली नुकसान पहुंचा। गत महिनों में गुलदार की ओर से एक व्यक्ति को घायल किए जाने की घटना सामने आई है। इस वर्ष गर्मियों में अधिक बारिश होने के कारण तापमान में गिरावट नहीं आ पाई जिससे भालू ऊपरी स्थानों पर नहीं जा पाया।
समय पर बर्फबारी न होने के कारण भालू शीत निंद्रा में नहीं जा पाया। इसी वजह से भालू की गतिविधियां बढ़ी है। विभाग की ओर से गत वर्ष ग्राम प्रधानों की सलाह पर संवेदनशील स्थानों पर 200 से अधिक सोलर लाइट लगाई है। इस वर्ष भी विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में 100 और सोलर लाइट लगवाने जा रहा है। इस मौके पर एसडीओ जन्मेजय रमोला आदि मौजूद थे।
छात्रों और ग्रामीणों को किया जागरूक
नई टिहरी। नरेंद्रनगर वन प्रभाग के अंतर्गत गैंड वन वीट आरक्षी सूरत सिंह गुसाईं ने राजकीय इंटर कॉलेज फकोट, राजकीय इंटर कॉलेज भैंस्यारों, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर के छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव और आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने हाल ही भालू और गुलदार की आबादी क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों के बारे में अवगत करवाया। वन आरक्षी ने ग्रामीणों से रात को घरों के बाहर लाइटें खुली रखने, साफ-सफाई, चारा पत्ती के लिए समूहों में जाने की सलाह दी। इस मौके पर चंद्र शेखर सकलानी, जितेंद्र पंवार, इंदु बहुगुणा, सुनीता बुटोला, नीलम पंवार, जितेंद्र सिंह, विमला देवी, पिंकी रौतेला, सुंदरी देवी, गंभीर सिंह आदि मौजूद थे। संवाद