क्षतिग्रस्त पुल के निर्माण और शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर पिंसवाड़ गांव के ग्रामीणों का अनशन शनिवार को सातवें दिन भी जारी रहा। स्वास्थ्य परीक्षण में अनशनकारी सुरती देवी व शिवराज को डिहाइड्रेशन की शिकायत मिली है। मांग पर जल्द कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
पिंस्वाड़ को जोड़ने वाला झाला पैदल पुल वर्ष 2013 की आपदा में बह गया था, जबकि गांव के जूनियर हाईस्कूल में डेढ़ साल से शिक्षक नहीं है। दो सूत्री मांगों को लेकर पिंस्वाड़ गांव के गबर सिंह, शिवराज सिंह, सौणियां सिंह, भरत सिंह, सुरेंद्र पंवार, सुरती देवी और कौंरी देवी 27 मार्च से झाला में अनशन पर बैठे हुए हैं। शनिवार को डा. श्याम विजय अनशनकारियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए झाला पहुंचे। डा. श्याम ने बताया कि सुरती देवी व शिवराज को डिहाइड्रेशन की शिकायत मिली है। अन्य अनशनकारियों का स्वास्थ्य ठीक है। प्रधान राधिका देवी, मंगशीर सिंह, जितार सिंह, बदरी सिंह, गोविंद सिंह ने जल्द समस्या समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।