राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के निदेशक जयपाल वाल्मीकि ने पर्यावरण मित्रों की समस्या सुनते हुए कहा कि सरकार ने वर्षों से लंबित कई मांगों का निराकरण किया है। कहा कि प्रदेश से पर्यावरण मित्रों की ठेका प्रथा को समाप्त कर स्थाई नियुक्ति देने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कोरोना संकट से लेकर निरंतर शहर को साफ सुंदर बनाने के लिए काम करने वाले कर्मियों को प्रमाणपत्र भेंट कर सम्मानित किया।
रविवार को बौराड़ी में सफाई कर्मचारी आयोग के निदेशक का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि 2014 से पर्यावरण मित्रों की सीधी भर्ती पर रोक है। ठेका प्रथा पर कर्मियों से सेवाएं लेकर उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है। निरंतर सेवाएं देने के बाद भी काम के अनुरूप दाम नहीं मिल रहा है। आयोग के निदेशक ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सफाई कर्मचारियों का सामूहिक बीमा फिर से शुरू कर दिया है। पूर्ववर्ती सरकार ने सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों को मृत घोषित कर ठेका प्रथा शुरू की थी। इस मौके पर सुनील कुमार डब्बू, राकेश लवली, नंदू वाल्मिकी, मुरारी लाल खंडवाल, धर्मवीर गहलोत, सुमित कांगड़ा, रिंकू वाल्मिकी, संजय कुमार, रोहित कुमार, राजन कुमार, आदित्य राजन आदि मौजूद थे।