चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है, लेकिन यात्रियों के लिए उत्तरकाशी-केमुंडाखाल-चमियाला मोटर मार्ग चाक-चौबंद नहीं हो पाया है। सड़क की सबसे अधिक खराब स्थिति श्रीकोट और गिरगांव गदेरे में बनी हुई है। गत वर्ष दैवी आपदा में श्रीकोट और गिरगांव में सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से दोनों स्थानों पर स्टील गार्डर पुलों का निर्माण कछुआ गति से चल रहा है।
अक्षया तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल जाएंगे। चारधाम यात्रा को सुखद बनाने का सरकार डंका पीट रही है, लेकिन चारधाम यात्रा का मुख्य मार्ग उत्तरकाशी-केमुंडाखाल-चमियाला की स्थिति बदहाल बनी हुई है।
ऐसे में चार धाम यात्रा मार्ग पर यात्री कैसे सुगम यात्रा कर पाएंगे। गत वर्ष श्रीकोट और गिरगांव गदेरे में बाढ़ आने के कारण पूरी सड़क ध्वस्त हो गई थी। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत यातायात सुचारु करने के लिए लोनिवि ने मार्ग खोल दिया था, लेकिन ध्वस्त सड़क के पास जगह नहीं होने के कारण विभाग साइट कटिंग नही कर पाया था।
तब लोनिवि ने इन स्थानों पर दो स्टील गार्डर पुल निर्माण के लिए दो करोड़ 90 लाख का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। धन मिलने की प्रत्याशा में पुलों का निर्माण कार्य शुरू करवाया गया, लेकिन शासन से धनराशि नहीं मिलने के कारण पुलों का निर्माण कार्य कछुआ चाल से चल रहा है। जिसका खामिया यात्रियों को भ्ुागतना पड़ सकता है।
श्रीकोट और गिरगांव गदेरे में निर्माणाधीन पुलों के लिए शासन से बजट की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन धनराशि विभाग को प्राप्त नहीं हुई है। गिरगांव वाले पुल पर स्टरिंग का कार्य चल रहा है, जबकि श्रीकोट गदेरे के पुल पर फेब्रीकेशन का कार्य चल रहा है। पैचवर्क कार्य के लिए शासन से पांच लाख की धनराशि मिल चुकी है।
-डीएल वर्मा, ईई, लोनिवि, घनसाली