सब्सिडी पर बीज और कृषि यंत्र नहीं मिलने से काश्तकार परेशान
थत्यूड़ (टिहरी)। जौनपुर ब्लाॅक मुख्यालय के खेड़ा में स्थित कृषि बीज भंडार डेढ़ माह से बंद पड़ा है, जिससे काश्तकारों को बीज और कृषि उपकरणों के लिए भटकना पड़ रहा है। काश्तकारों का कहना है कि बाजार में बीज नहीं मिलने के कारण उन्हें अन्य क्षेत्रों से बीज मंगवाने पड़ रहे हैं।
कृषि विभाग के कृषि बीज भंडार से काश्तकारों को सब्सिडी पर मौसमी फसल के साथ ही सब्जी के हाइब्रिड बीज प्रदान किए जाते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से लोग उन्नत किस्म के बीज लेने के लिए खेड़ा पहुंचते हैं। सरकारी बीज भंडार डेढ़ माह से भी अधिक समय से बंद पड़ा है, जिससे केंद्र पर मिलने वाला धान, मंडुवा, झंगोरा, उड़द, गहथ और सोयाबीन के अलावा सब्जी के बीज और कृषि यंत्र नहीं मिल पा रहे हैं।
काश्तकार डेढ़ माह से लगातार बीज भंडार के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन भंडार बंद पड़ा होने के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। काश्तकार जगमोहन कंडारी, प्रताप सिंह रावत, लोकेंद्र सजवाण, जगत राणा, रतनमणि गौड़ और जयदेव लेखवार ने बताया कि सरकारी बीज भंडार बंद होने के कारण काश्तकार बीज और कृषि उपकरणों से वंचित हैं।
स्थानीय स्तर पर अन्य किसी दुकान पर अनाज, सब्जी के बीज और यंत्र नहीं मिलने के कारण उन्हें दूसरे क्षेत्र के भंडार से बीज और यंत्र मंगवाने पड़ रहे हैं। दूर-दराज गांव के लोग हर दिन बीज और यंत्र लेने के लिए खेड़ा पहुंच रहे हैं, लेकिन केंद्र पर ताला लटका होने के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। इस बाबत मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने कहा कि खेड़ा स्थित बीज भंडार पर नया कर्मचारी नियुक्त कर दिया गया है। केंद्र को जल्द ही नियमित रूप से खोलने के निर्देश दिए गए हैं।