प्रतापनगर के सौंदीगांव तक सड़क निर्माण को हरी झंडी मिल गई है। सड़क बनने से ग्रामीणों को पांच किमी पैदल दूरी तय नहीं करनी पडे़गी। प्रतापनगर के सौंदी गांव की करीब सात सौ की आबादी वर्षों से पांच किमी पैदल दूरी तय करने को मजबूर थे।
गांव को सड़क से जोड़ने के लिए छह किमी पीएमजीएसवाई के तहत स्वीकृति कई वर्ष पूर्व मिल चुकी थी, लेकिन वन भूमि अधिक होने से पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं मिल पा रही थी। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए आखिरकार वन भूमि की अनुमति मिल गई। पर्यावरणीय स्वीकृति मिलते ही शासन सड़क निर्माण में प्रयोग होने वाले पेड़ों का मुआवजा भी वन विभाग को जमा कर दिया है, जिसके बाद वन विभाग ने भी सड़क निर्माण को हरी झंडी दे दी है।
इसके लिए पीएमजीएसवाई को साढ़े तीन करोड़ की वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है। विधायक विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को तत्काल निविदा कर एक माह के अंदर निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क निर्माण में आ रही सभी अड़चनें दूर हो चुकी है। 10 दिन के अंदर निविदा आमंत्रित कर जल्द सड़क निर्माण शुरू करवाया जाएगा। इसके लिए साढ़े तीन करोड़ की वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है।
-राजेश कुमार सिंह, ईई, पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड।
सड़क स्वीकृति पर जताई खुशी
सौंदी मोटर मार्ग के स्वीकृति मिलने पर सौंदी के ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशी व्यक्त किया। जिला पंचायत सदस्य मुरारीलाल खंडवाल, सब्बल सिंह राणा, पूरण चंद रमोला, प्रदीप रमोला, देवी सिंह पंवार, राजेंद्र बोरा, खुशी लाल, धनवीर बिष्ट, यशवंत बिष्ट, मदन मिश्रवाण, रमेश बगियाल, दयाल सजवाण, जसपाल पंवार आदि ने खुशी जताई है।