बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए कौंसल गांव में तीन करोड़ की लागत से बनकर तैयार कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय सफेद हाथी साबित हो रहा है। कौंसल गांव के लोग कस्तूरबा गांधी विद्यालय को पानी का कनेक्शन देने को तैयार नहीं है। आगामी नए सत्र अप्रैल से शिक्षा विभाग ने नए भवन पर विद्यालय और छात्रावास संचालित करने की योजना बनाई थी, लेकिन पानी नहीं मिलने के कारण विद्यालय इस बार भी पंचायत भवन पर ही चलेगा।
थौलधार ब्लॉक के कौंसल गांव में 2006 से कस्तूरबा गांधी विद्यालय पंचायत भवन पर संचालित किया जा रहा है। विद्यालय में वर्तमान सत्र में 32 छात्राएं अध्ययनरत हैं। प्रधान अरविंद भंडारी का कहना है कि उनके गांव में 1990 में पेयजल की योजना बनाई गई थी। तब गांव में सिर्फ 100 परिवार थे और अब परिवारों की संख्या बढ़कर 180 हो गई है। मई से लेकर जुलाई तक गांव में पानी की किल्लत हो जाती है।
कौंसल में जब कस्तूबरा गांधी आवासीय विद्यालय का निर्माण हो रहा था। तब गांव के लोगों ने पानी दिया, लेकिन अब पानी देने से इनकार किया जा रहा है। पानी नहीं होने कारण नए भवन पर अप्रैल से विद्यालय संचालित नहीं होने के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
-सीपी रतूड़ी, खंड शिक्षा अधिकारी, थौलधार
कौंसल गांव के लोग कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय को पानी नहीं दे रहे हैं। कौंसल गांव में फिलहाल पानी की कोई कमी नहीं है। गांव में बने सार्वजनिक स्टैंड पोस्टों पर पर्याप्त पानी की आपूर्ति हो रही है।
-गिरीश सेमवाल, जेई, जल संस्थान कंडीसौड़