अतिथि शिक्षक नियुक्त करने के फैसले पर राजकीय शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार के प्रति नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अतिथि शिक्षकों के पदों को रिक्त न दिखाए जाने का निर्णय लेकर शिक्षकों के साथ छलावा किया है। सरकार के इस फैसले को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष एसएस सरियाल और जिला प्रवक्ता कमलनयन रतूड़ी ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से शिक्षकों के कई हित प्रभावित होंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार अतिथि शिक्षकों के पदों को रिक्त नहीं दिखाती है, तो एलटी से प्रवक्ता पदों पर पदोन्नति कैसे होंगी। सेवा अवधि में न्यूनतम तीन पदोन्नति की मांग करने वालों के खिलाफ इस तरह का निर्णय पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों की इस समस्या का समाधान नहीं करती है, तो राजकीय शिक्षक संघ को सरकार के इस निर्णय के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाएगी और जरूरत पड़ी, तो न्यायालय की शरण में जाने को बाध्य होना पड़ेगा।