राजस्व निरीक्षक, उपनिरीक्षक और राजस्व सेवक चार सूत्री मांग को लेकर सोमवार को पांचवें दिन भी कलमबंद हड़ताल पर डटे रहे। हड़ताल के चलते राजस्व चौकियों में कोई भी कामकाज नहीं हो पा रहा है। स्थायी निवास, जाति, आय और चरित्र प्रमाणपत्र बनाने के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है।
मांग के समर्थन में टिहरी जिले के राजस्व निरीक्षक और उपनिरीक्षकों ने नई टिहरी तहसील परिसर में धरना दिया। कहा वे लंबे समय से राजस्व निरीक्षक और रजिस्ट्रार कानूनगो के पदों को एकीकृत न करने, समान कार्य के लिए समान वेतनमान देने, 16वें बैच के राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षण व राजस्व निरीक्षक क्षेत्रों का पुनर्गठन करने, संवर्गीय कार्मिकों को उच्चीकृत वेतनमान का लाभ एक जनवरी 2006 से देने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर शासन-प्रशासन के स्तर पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। धरने पर संगठन के जिलाध्यक्ष सुनील चमोली, सचिव यशपाल नेगी, परमेंद्र राणा, बिजेंद्र बिष्ट, दिलीप जोशी, सुरदास गडोही, विशाल असवाल, विजय पटवाल, प्रभा सकलानी, पूनम राणा, सरोजनी बहुगुणा, कामेश्वर प्रसाद भट्ट व ऊषा भट्ट बैठी रही।
वहीं कर्णप्रयाग में भी मांगों को लेकर राजस्व निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ की हड़ताल जारी रही। धरने पर देवेंद्र कंडारी, विजेंद्र गुसाईं, हरीश पोखरियाल, नीरज पुरोहित, अशीष बिष्ट, पुष्कर नेगी, विक्रम असवाल, जगदीश औलिया मौजूद थे।