थत्यूड़ में जौनपुर महोत्सव में कलाकारों को सम्मानित करते डीजीपी अशोक कुमार।
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जौनपुर महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में जौनसार के प्रसिद्ध लोकगायक महेंद्र चौहान के गीतों की प्रस्तुति ने महोत्सव को यादगार बना दिया। चौहान ने बूढे रे नाचो दे व, सिरकु मामा, लागे कुखुड़ी रे बांके गीत सहित कई मनमोहक प्रस्तुति दी।
जीआईसी थत्यूड़ के मैदान में आयोजित जौनपुर महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या का डीजीपी अशोक कुमार, पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा, सीएम के जनसंपर्क अधिकारी मुलायम सिंह रावत ने शुभारंभ किया। डीजीपी ने कहा कि उत्तराखंड संस्कृति का गढ़ रहा है। खासतौर पर जौनसार और जौनपुर का लोक संगीत अलग ही स्तर का है। लोक गायक महेंद्र चौहान के अलावा स्थानीय लोक कलाकार अंकित चखवान ने पीसी त घटवाडी, पीसी त घटवाड़ी, नौन्याली जाडु की, सूरज शाह ने देव प्रस्तुति पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया। वहीं गायक अनिल बैशाली, मंजू नौटियाल ने आकर्षक प्रस्तुति दी। सीएम के जनसंपर्क अधिकारी ने विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
इस मौके पर एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भोला सिंह परमार, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, जिपं सदस्य सनबीर बेलवाल, पूर्व प्रमुख कुंवर सिंह पंवार, गीता रावत, जौनपुर महोत्सव समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र राणा, धनवीर रावत, भाजपा मंडलध्यक्ष हीरामणि गौड़ आदि मौजूद थे।