नकली करेंसी (नोट) बनाकर बाजार में प्रचलन को ले जाने के आरोप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेष चंद्र की अदालत ने दो अभियुक्तों को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोनों को एक-एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
चंबा थाना पुलिस ने आरोपी सुरेंद्र सिंह राणा और विरेंद्र सिंह राणा दोनों निवासी ग्राम वरनू पोस्ट कमांद के खिलाफ 29 जुलाई 2017 को एफआईआर दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 29 जुलाई को पुलिस उत्तरकाशी रोड पर लोनिवि गोदाम के पास चेकिंग कर रही थी, तभी उत्तरकाशी की तरफ से आ रहे दो मोटर साइकिल सवार पुलिस को देखकर वापस जाने लगे। शक होने पर पुलिस ने उनका पीछा कर उन्हें धर दबोचा। तलाशी लेने पर सुरेंद्र सिंह राणा के पास 13,500 रुपये और विरेंद्र सिंह राणा के पास 11,400 रुपये के जाली नोट बरामद हुए। आरोपियों ने बताया था कि वह सुरेंद्र सिंह के घर में रखे प्रिंटर, स्कैनर से जाली नोट तैयार कर उसे बाजार में चलाने के लिए लाए थे। पुलिस ने उनके घर से सभी उपकरण बरामद कर आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर न्यायालय में पेश किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बेणीमाधव शाह ने आरोपियों के अपराध को गंभीर प्रकृति का मानते हुए कहा कि पुलिस ने उनके कब्जे से नकली करेंसी नोट बनाने के उपकरण प्रिंटर, स्कैनर, कटे कागज और लैपटाप बरामद किए हैं। यह कृत्य समाज और देश हित में नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई है।