भारतीय स्टेट बैंक भागीरथीपुरम में बैंक कैशियर द्वारा खाताधारकों और बैंक की चेस्ट (स्टॉक मनी) से लाखों रुपये हड़पने का मामला समाने आया है। खाताधारकों ने एसएसपी को दिए ज्ञापन में गबन की गई धनराशि वापस दिलाने और दोषी कैशियर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। गबन का खुलासा होने पर बैंक मैनेजर ने कैशियर के खिलाफ यहां पुलिस थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में 81 लाख रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है।
एसबीआई भागीरथीपुरम के बैंक कैशियर ने खाताधारकों की जमा धनराशि, एफडी और म्यूचल फंड से फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपये हड़प लिए। इस धोखाधड़ी का पता चलने पर खाताधारकों में हड़कंप मच गया। गबन का खुलासा तब हुआ जब 10 जनवरी को बागी गांव की खाताधारक कांता देवी पैसा निकालने बैंक पहुंची। उन्होंने रुपये निकालने का फार्म भरकर बैंक कर्मी को दिया, तो पता चला कि उनके खाते में कुल एक हजार 580 रुपये ही शेष हैं। यह सुनते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घबराई खाताधारक ने बैंक मैनेजर के पास जाकर बताया कि उनके खाते में 12 लाख चार हजार 962 रुपये थे। उसके बाद खाताधारक ने अपनी एफडी चेक कराई, तो उसमें भी 5 लाख 58 हजार 570 रुपये भी गायब थे। अन्य खाताधारकों को गड़बड़ी का पता चलने पर खाताधारक डब्बी देवी ने भी अपना खाता चेक कराया, तो उनके बचत खाते से भी 10 लाख रुपये और 20 लाख रुपये की एफडी की धनराशि गायब थी।
बागी गांव की सुषमा देवी ने भी एसएसपी को दिए ज्ञापन में बताया कि उन्होंने चार लाख रुपये का म्यूचल फंड खरीदा था, लेकिन बैंक से पता चला है कि फंड के चार लाख रुपये बैंक कैशियर विनयपाल सिंह नेगी के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। अभी तक खाताधारकों के 68 लाख रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। बताया गया कि कैशियर ने अक्सर उन खाता धारकों को निशाना बनाया है, जो निकासी व जमा फार्म पर हस्ताक्षर की जगह अंगूठा लगाते हैं। इस धोखाधड़ी का पता चलने पर कई लोग बैंक पहुंच रहे हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि अभी और धोखाधड़ी सामने आ सकती है। पुलिस ने बताया कि कैशियर ने बैंक की स्टॉक मनी से भी करीब 13.50 लाख रुपये निकाले। इसका पता चलने पर बैंक प्रबंधन ने कैशियर से हड़पी गई राशि जमा कराने को कह रहा था, लेकिन उसके कुछ दिन बाद ही खाताधारकों से धोखाधड़ी की पोल खुल गई। थानाध्यक्ष कमल मोहन भंडारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में करीब 81 लाख 50 हजार रुपये के गबन का पता चला है। एसबीआई के शाखा मैनेजर विपिन गौतम ने धोखाधड़ी के आरोपी कैशियर विनयपाल सिंह नेगी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी कैशियर को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।