भिलंगना ब्लाक में सीमांत गांव पिंस्वाड़ को जोड़ने वाली सड़क दो माह से बंद पड़ी है। ऐसे में ग्रामीणों को बूढ़ाकेदार बाजार पहुंचने के लिए नौ किमी पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। सड़क बंद होने से पांच सितंबर को एक बीमार युवती ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। और अब स्थिति यह है कि ग्रामीणों के सामने खाद्यान सामग्री घर पहुंचाना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
बूढ़ाकेदार-पिंस्वाड़ मोटर मार्ग दो माह पहले हुई भारी बारिश के कारण झाला से आगे जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया था। सड़क बंद होने के कारण ग्रामीणों को घर का जरूरी सामान पीठ पर ढोकर नौ किमी पैदल गांव पहुंचना पड़ रहा है। गांव के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भरत सिंह राणा ने बताया कि किसी के बीमार होने पर सबसे अधिक दिक्कत आ रही है। पांच सितंबर को गांव में एक युवती को बुखार और पेट दर्द की शिकायत हुई। सड़क बंद होने के कारण उसे डंडी पर डाक्टर के पास बूढ़ाकेदार ले जा रहे थे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। बताया कि पिंस्वाड़ गांव में दूर संचार नेटवर्क भी नहीं होने से भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।