ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे यहां कुम्हारखेड़ा बाईपास के पास दूसरे दिन भी बंद रहा। हल्की बारिश के बीच लोनिवि की जेसीबी मलबा हटाने में जुटी रही। सड़क बंद रहने से लोगों को खतरों के साए में पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। सोमवार दोपहर को हुए भूधंसाव से नगर क्षेत्र में जलापूर्ति ठप रही, जिससे टैंकर से जलापूर्ति करानी पड़ी। शहर में दूध की कमी भी महसूस की गई है।
रविवार को कुम्हारखेड़ा बाईपास पर हुए भारी भूधंसाव से हाईवे दूसरे दिन भी नहीं खुल पाया है। सोमवार सुबह लोनिवि ने मलबा हटाने के लिए जेसीबी लगाई, लेकिन दिनभर रुक-रुककर हो रही बारिश से हाईवे खोलने में दिक्कत हो रही है। बावजूद बाजार की ओर से दोपहर बाद तक कुम्हारखेड़ा के ऊपर ग्रेफ कैंप तक मलबा हटाया गया। मुख्य बाईपास मार्ग से बीआरओ ने भी मलबा हटाना शुरू कर दिया, लेकिन मिट्टी पत्थर अधिक आने से देर शाम तक भी सड़क नहीं खुल पाई।
रविवार को सड़क बंद होने से नरेंद्रनगर में पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। जल संस्थान को टैंकरों से जलापूर्ति करानी पड़ी। गांव से बाजार दूध भी नहीं पहुंच पाया। सड़क पर आवाजाही बंद होने से लोगों को बारिश के बीच जोखिम उठाकर पैदल नापना पड़ा। इस बीच पहाड़ी से पत्थर भी बरसते रहे, लेकिन गनीमत रही कि किसी को कोई चोट नहीं पहुंची। लोनिवि और पुलिस ने वहां पैदल नाप रहे लोगों की मदद की। डीजीबीआर के कमांडर सुभाषचंद्र लूनिया ने बताया कि मौसम साफ रहा और पहाड़ी से और मलबा नहीं आया है, तो मंगलवार दोपहर से पहले सड़क खोल दी जाएगी।