आपदा प्रभावित कोठियाड़ा गांव के 23 और परिवारों ने लगातार हो रही बारिश और घरों में मलबा घुसने के कारण घर छोड़कर स्कूल परिसर में शरण ली है। अब गांव में अपने घर छोड़ने वाले परिवारों की संख्या 95 हो गई है। प्रशासन की ओर से 72 प्रभावित परिवारों को अस्थायी घर बनाने के लिए टीन की चादरें दी गई हैं, जो नाकाफी हैं।
भिलंगना ब्लाक की पट्टी केमर के कोठियाड़ा, केमरा, सिल्यारा, गनगर आदि गांवों में 28 मई को बारिश के कहर से ग्रामीणों के मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए थे। तब प्रकृति ने सबसे अधिक कहर कोठियाड़ा गांव में बरपा। उस दिन गांव के ऊपर बादल फटने से 72 परिवारों के घर जमींदोज हो गए थे। तब प्रशासन ने इन परिवारों को गांव के स्कूल और बारात घर में शिफ्ट कर दिया गया था। अन्य लोग अपने घरों के आसपास आए मलबे को हटाकर वहीं रहने लगे थे। अब तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से गांव के ऊपर से पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा, पत्थर आने से लोग भयाक्रांत हैं।
घरों में मलबा घुसने से 23 परिवारों ने स्कूल में शरण ली है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार पानी और मलबे के कारण उनकी जानमाल को खतरा होने के बावजूद प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। उन्होंने गांव के विस्थापन की मांग की है।
इंसेट
इन परिवारों ने छोड़े घर
संपदा देवी, कमला देवी, धीरेंद्र, लोकेंद्र, धर्मानंद, विजय, कमली, उमा देवी,आनंदी, विनोद, पुष्पा देवी, रैजादेवी, प्रवीन, गीताराम, विजयराम, रमेश प्रसाद आदि ।
ग्रामीणों ने वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। जांच के लिए पटवारी को भेजा गया है। गांव के 72 लोगों को आर्थिक मदद के तौर पर प्रति परिवार एक लाख 19 सौ रुपये और प्रशासन ने आठ टीन की चादरों के हिसाब से 576 टीन की चादरें दी है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी, घनसाली।