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प्रधानों, वन सरपंचों ने किया बैठक का बहिष्कार

Sat, 30 Apr 2016 10:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टिहरी
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वनाग्नि रोकने के लिए तहसील प्रशासन की ओर से आयोजित बैठक का ग्राम प्रधानों और वन पंचायत सरपंचों ने बहिष्कार किया।
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ग्राम प्रधानों और सरपंचों ने कहा कि बैठक के एजेंडे के बारे में उन्हें पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई। जब वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैठक में नहीं आना है, तो बैठक का क्या औचित्य है।

ग्राम प्रधानों ने बताया कि बीती शाम को राजस्व उप निरीक्षकों ने उन्हें सूचना दी कि शनिवार सुबह 10 बजे से जिला सभागार में एसडीएम बैठक लेंगे, लेकिन एजेंडे के बारे में नहीं बताया। जब प्रधान जिला मुख्यालय पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि बैठक शाम तीन बजे से होगी।
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शाम तीन बजे बैठक में एसडीएम बृजेेश कुमार तिवारी पहुंचे। उन्होंने प्रधानों से वनाग्नि रोकने में सहयोग देने की बात कही, तो प्रधान सभा कक्ष से उठकर बाहर चले गए। सरपंच संगठन के अध्यक्ष विनोद डबराल ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों को बैठक में क्यों नहीं बुलाया गया।

बैठक के एजेंडे की उन्हें पूर्व में सूचना क्यों नहीं दी गई। कोलधार के प्रधान सुरेंद्र दत्त उनियाल ने कहा कि वनाग्नि रोकने के लिए तहसील प्रशासन बैठक कर सिर्फ खानापूर्ति करना चाहता है।

स्वाडी के प्रधान सुंदर सिंह कठैत ने कहा कि यदि तहसील प्रशासन वनाग्नि रोकने के प्रति गंभीर होता, तो गांव में आकर सभी लोगों से बैठक करता। बैठक में प्रधान दिनेश उनियाल, खेम सिंह पंवार, नरेंद्र सिंह पंवार, भगत दर्शन रावत, कुंवर सिंह नेगी, मस्तराम बडोनी, अरविंद बहुगुणा, राकेश मैठाणी आदि उपस्थित थे।
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वहीं एसडीएम तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर वनाग्नि रोकने के लिए ग्राम प्रधानों और सरपंचों की बैठक आयोजित की गई। वन विभाग के अधिकारियों से बैठक में समय पर उपस्थित न होने का कारण पूछा जा रहा है।
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